📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mamata Padhi
स्थानीय
नूआखाई 2026: ओडिशा के गाँवों में उत्सव की तैयारी
✍️ Kanak News Odisha
🗓 12 सित. 2026, 04:40 PM
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ओडिशा के गाँव नूआखाई 2026 के लिए तैयार हो रहे हैं, जहाँ किसान और समुदाय के सदस्य स्टॉल लगाते, घर सजाते और परंपरागत व्यंजन तैयार करते हैं।
नूआखाई, ओडिशा के लोगों द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रमुख उपजाऊ पर्व, 2026 में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाने वाला है। राज्य के कई जिलों के गाँवों में पहले से ही बाज़ार के स्टॉल लगाए जा रहे हैं, पारंपरिक सजावट की जा रही है, और पखाला, भापा पिठा तथा मीठे चावल के व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं। यह पर्व, जो कि चैत परंपरागत महीने के पहले दिन मनाया जाता है, उपज के प्रारम्भ का प्रतीक है।
समुदाय के नेता और स्थानीय अधिकारी सार्वजनिक स्थानों को साफ़-सुथरा रखने और फूलों की माला व रंगोली डिज़ाइनों से सुसज्जित करने का समन्वय कर रहे हैं। कई गाँवों में बुजुर्ग उपज के देवता को भेंट करने के लिए चावल के बर्तन तैयार कर रहे हैं, जबकि युवा वर्ग पड़ोसियों को मिठाई और उपहार बाँटने में जुटे हैं।
तैयारी के दौरान अस्थायी खाद्य स्टॉल भी लगाये जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय व्यंजनों को प्रदर्शित करते हैं और आस-पास के इलाकों के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। स्थानीय कारीगर अपनी कलाकृतियाँ प्रदर्शित कर रहे हैं, और सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे लोक नृत्य व भक्ति गीत मुख्य उत्सव के दिन के लिए अभ्यास में हैं।
अधिकारियों ने स्वास्थ्य दिशानिर्देशों के मद्देनज़र कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया है। यह पर्व स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने और ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का एक मंच बनने की उम्मीद है।
समुदाय के नेता और स्थानीय अधिकारी सार्वजनिक स्थानों को साफ़-सुथरा रखने और फूलों की माला व रंगोली डिज़ाइनों से सुसज्जित करने का समन्वय कर रहे हैं। कई गाँवों में बुजुर्ग उपज के देवता को भेंट करने के लिए चावल के बर्तन तैयार कर रहे हैं, जबकि युवा वर्ग पड़ोसियों को मिठाई और उपहार बाँटने में जुटे हैं।
तैयारी के दौरान अस्थायी खाद्य स्टॉल भी लगाये जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय व्यंजनों को प्रदर्शित करते हैं और आस-पास के इलाकों के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। स्थानीय कारीगर अपनी कलाकृतियाँ प्रदर्शित कर रहे हैं, और सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे लोक नृत्य व भक्ति गीत मुख्य उत्सव के दिन के लिए अभ्यास में हैं।
अधिकारियों ने स्वास्थ्य दिशानिर्देशों के मद्देनज़र कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया है। यह पर्व स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने और ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का एक मंच बनने की उम्मीद है।