📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shivam Setu
राजनीति
नीतीश कुमार ने बिहार MLC चुनाव में नीरज कुमार के नामांकन से पहले आखिरी दांव खेला
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 05 अक्टू. 2026, 10:45 AM
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जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बिहार के MLC चुनाव में नीरज कुमार के नामांकन से पहले आंतरिक बगावत को रोकने के लिए आखिरी कदम उठाया।
बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव चल रहा है और जेडीयू अपने प्रभाव को बनाए रखने के लिए उम्मीदवार पेश कर रहा है। नीरज कुमार के नामांकन के दिन, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी के भीतर समर्थन को मजबूत करने के लिये एक रणनीतिक कदम उठाया।
सूत्रों के अनुसार यह कदम जेडीयू विधायक अनंत सिंह द्वारा उत्पन्न बगावत को रोकने के लिये किया गया है, जो पार्टी नेतृत्व के लिये चिंता का कारण बना हुआ था। नामांकन से पहले सीधे हस्तक्षेप करके, कुमार इस संभावित विद्रोह को समाप्त करना चाहते हैं, जिससे परिषद चुनाव में पार्टी की स्थिति प्रभावित न हो।
नीरज कुमार का नामांकन जेडीयू के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इस प्रक्रिया को सुगम बनाना पार्टी की प्राथमिकता है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि एकजुट मोर्चा बनाकर जेडीयू बिहार में अपनी विधायी ताकत को बरकरार रख सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अनंत सिंह की बगावत को सफलतापूर्वक समाप्त किया गया तो जेडीयू एक सुदृढ़ अभियान पेश कर सकेगा, जिससे वह विपक्षी दलों के मुकाबले परिषद चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर सकेगा। नीरज कुमार के नामांकन का परिणाम पार्टी की एकजुटता का संकेतक माना जाएगा।
सूत्रों के अनुसार यह कदम जेडीयू विधायक अनंत सिंह द्वारा उत्पन्न बगावत को रोकने के लिये किया गया है, जो पार्टी नेतृत्व के लिये चिंता का कारण बना हुआ था। नामांकन से पहले सीधे हस्तक्षेप करके, कुमार इस संभावित विद्रोह को समाप्त करना चाहते हैं, जिससे परिषद चुनाव में पार्टी की स्थिति प्रभावित न हो।
नीरज कुमार का नामांकन जेडीयू के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इस प्रक्रिया को सुगम बनाना पार्टी की प्राथमिकता है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि एकजुट मोर्चा बनाकर जेडीयू बिहार में अपनी विधायी ताकत को बरकरार रख सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अनंत सिंह की बगावत को सफलतापूर्वक समाप्त किया गया तो जेडीयू एक सुदृढ़ अभियान पेश कर सकेगा, जिससे वह विपक्षी दलों के मुकाबले परिषद चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर सकेगा। नीरज कुमार के नामांकन का परिणाम पार्टी की एकजुटता का संकेतक माना जाएगा।