📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AlexUfaPh
नौकरी
NIPER मोहाली कर्मचारियों ने 25वें दिन कैंडल मार्च, पुरानी पेंशन की मांग
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 26 सित. 2026, 02:16 AM
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नाइपर मोहाली के कर्मचारियों ने 25वें दिन कैंडल मार्च किया, पुरानी पेंशन योजना की वापसी की मांग की।
राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) के कर्मचारियों ने मोहाली में 25वें दिन कैंडल मार्च किया। कर्मचारियों ने संस्थान के मुख्य द्वार के सामने कैंडल और बैनर लेकर पुरानी पेंशन योजना की वापसी की मांग की, जिसे नई योजना से बदल दिया गया था।
शिक्षक‑गैरशिक्षक दोनों वर्गों के प्रतिनिधियों ने कहा कि नई पेंशन योजना उनके सेवानिवृत्ति लाभों को घटा रही है और लंबे समय तक सेवा करने वाले कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा रही है। वे सरकार से पुराने, अधिक न्यायसंगत योजना को पुनः लागू करने का आग्रह कर रहे हैं।
संघ के नेताओं ने भीड़ को संबोधित कर राज्य प्रशासन और शिक्षा मंत्रालय से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो प्रदर्शन तेज़ हो सकता है, जिससे संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
अभी तक अधिकारियों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, पर पंजाब शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को प्रदर्शनकर्ताओं के साथ बातचीत करते देखा गया, जिससे संकेत मिलता है कि चर्चा चल रही है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के रूप में कैंडल मार्च ने स्थानीय मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है और सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में पेंशन सुधारों के प्रति बढ़ती असंतुष्टि को उजागर किया है।
शिक्षक‑गैरशिक्षक दोनों वर्गों के प्रतिनिधियों ने कहा कि नई पेंशन योजना उनके सेवानिवृत्ति लाभों को घटा रही है और लंबे समय तक सेवा करने वाले कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा रही है। वे सरकार से पुराने, अधिक न्यायसंगत योजना को पुनः लागू करने का आग्रह कर रहे हैं।
संघ के नेताओं ने भीड़ को संबोधित कर राज्य प्रशासन और शिक्षा मंत्रालय से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो प्रदर्शन तेज़ हो सकता है, जिससे संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
अभी तक अधिकारियों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, पर पंजाब शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को प्रदर्शनकर्ताओं के साथ बातचीत करते देखा गया, जिससे संकेत मिलता है कि चर्चा चल रही है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के रूप में कैंडल मार्च ने स्थानीय मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है और सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में पेंशन सुधारों के प्रति बढ़ती असंतुष्टि को उजागर किया है।