🔥 ट्रेंडिंग వేల్పూరు మాజీ సర్పంచ్ దత్తుడు సోమ సూర్... हरियाणा के मेवात के गाँव रेवासन से लाइ... उत्तर प्रदेश में राजसभा द्विवार्षिक चु... GSMA बोर्ड ने डिजिटल भविष्य के लिए तकन... मिट्टी ढुलाई के बिल पर उठे सवाल, फर्जी... भोपाल में रवींद्र भवन में बुंदेली समाग...
06 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
भोपाल: पेड़ कटाई की क्षतिपूर्ति पौधारोपण पर एनजीटी का सख्त रुख, मांगा 5 साल का हिसाब
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Giles Laurent
देश

भोपाल: पेड़ कटाई की क्षतिपूर्ति पौधारोपण पर एनजीटी का सख्त रुख, मांगा 5 साल का हिसाब

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 06 अक्टू. 2026, 08:35 PM 👁 17
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने भोपाल के वन विभाग और संबंधित एजेंसियों से पिछले पांच वर्षों में प्राप्त राशि और किए गए पौधारोपण का विस्तृत हिसाब जमा करने का निर्देश दिया है।

नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने मध्य प्रदेश के भोपाल में क्षतिपूर्ति पौधारोपण (compensatory afforestation) के कार्यान्वयन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ट्राइब्यूनल ने वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को पिछले पांच वर्षों की गतिविधियों पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

इस आदेश में विशेष रूप से उन पेड़ों की कटाई के लिए प्राप्त की गई क्षतिपूर्ति राशि और उसके बदले में लगाए गए पौधों की संख्या का हिसाब मांगा गया है। इस कदम का उद्देश्य कानून द्वारा निर्धारित पर्यावरणीय पुनर्स्थापना प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

ट्राइब्यूनल का यह निर्देश राज्य में पर्यावरणीय अनुपालन पर उसकी निरंतर निगरानी को दर्शाता है। पांच वर्षों का ऑडिट मांगकर, NGT यह जांचना चाहता है कि पेड़ कटाई के लिए लगाए गए आर्थिक जुर्माने का प्रभावी उपयोग भोपाल में हरित ढाल (green cover) को बहाल करने के लिए किया जा रहा है या नहीं।

संबंधित विभागों को उम्मीद है कि वे ट्राइब्यूनल को आवश्यक डेटा प्रस्तुत करेंगे, जिसकी समीक्षा करके क्षेत्र में क्षतिपूर्ति पौधारोपण अभियान की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा।
📲Get App