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नवादा में जमीन मुआवजे की मांग पर ग्रामीणों का समाहरणालय मार्च, कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
जमीन अधिग्रहण के उचित मुआवजे की मांग में नवादा के ग्रामीणों ने समाहरणालय मार्च किया, जिससे बक्सर के सांसद और कई स्थानीय नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
नवादा, 27 अक्टूबर—जमीन अधिग्रहण के उचित मुआवजे की मांग को लेकर नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड के मतनाजे गांव के ग्रामीणों ने समाहरणालय की ओर मार्च किया। गंगा जल आपूर्ति योजना के तहत प्रस्तावित जलाशय निर्माण के कारण भूमि अधिग्रहण चल रहा है, और ग्रामीणों ने अपनी जमीन के बदले न्यायसंगत मुआवजा माँगा।
मार्च के दौरान गुनामा के समीप प्रशासन ने आंदोलनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। धरना‑प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के कारण पुलिस ने बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह, गोविंदपुर के पूर्व विधायक मोहम्मद कामरान, किसान नेता दिनेश कुमार, अशोक प्रसाद सिंह तथा पप्पू सिंह सहित कई प्रमुख व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि मुआवजा न मिलने पर उनका जीवनस्तर बिगड़ जाएगा और वे सरकार से तुरंत उचित भुगतान चाहते हैं। इस आंदोलन ने स्थानीय स्तर पर तीव्र चर्चा को जन्म दिया है और प्रशासन के अगले कदमों को लेकर लोगों की नजरें टिकी हैं।
गंगा जल आपूर्ति योजना के दूसरे चरण में जलाशय निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण और मुआवजा संबंधी मुद्दे पहले भी उठे थे, परन्तु अब तक संतोषजनक समाधान नहीं मिला। अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे ग्रामीणों की मांगों को ध्यान में रखकर शीघ्र निर्णय लें।
मार्च के दौरान गुनामा के समीप प्रशासन ने आंदोलनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। धरना‑प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के कारण पुलिस ने बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह, गोविंदपुर के पूर्व विधायक मोहम्मद कामरान, किसान नेता दिनेश कुमार, अशोक प्रसाद सिंह तथा पप्पू सिंह सहित कई प्रमुख व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि मुआवजा न मिलने पर उनका जीवनस्तर बिगड़ जाएगा और वे सरकार से तुरंत उचित भुगतान चाहते हैं। इस आंदोलन ने स्थानीय स्तर पर तीव्र चर्चा को जन्म दिया है और प्रशासन के अगले कदमों को लेकर लोगों की नजरें टिकी हैं।
गंगा जल आपूर्ति योजना के दूसरे चरण में जलाशय निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण और मुआवजा संबंधी मुद्दे पहले भी उठे थे, परन्तु अब तक संतोषजनक समाधान नहीं मिला। अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे ग्रामीणों की मांगों को ध्यान में रखकर शीघ्र निर्णय लें।