अपराध
नवादा में फर्जीवाड़े के मामले में प्रधान लिपिक कन्हैया लाल गिरफ्तार, EOU ने कार्रवाई की
नवादा के जिला परिवहन कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक कन्हैया लाल को आर्थिक अपराध इकाई ने 15 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया, फर्जीवाड़े के आरोप में।
15 सितंबर 2026 को आर्थिक अपराध इकाई (EOU), पटना की टीम ने नवादा जिला परिवहन कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक कन्हैया लाल को कार्यालय परिसर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी वर्ष 2021 में गोपालगंज जिला परिवहन कार्यालय से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में की गई है। उन पर आपराधिक साजिश के तहत चोरी की स्कॉर्पियो के रजिस्ट्रेशन में कथित हेरफेर कर उसे दूसरे व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कराने में संलिप्तता का आरोप है।
कन्हैया लाल वर्ष 2021 में गोपालगंज DTO कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि चोरी की गई एक स्कॉर्पियो को शराब के साथ बरामद किए जाने के बाद उसके रजिस्ट्रेशन में कथित रूप से हेरफेर किया गया और बाद में वाहन को नीलामी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कर दिया गया। यह वाहन कुमार सिंह विश्वविद्यालय के बीसी के चालक राधेश्याम सिंह का था। स्कॉर्पियो का रजिस्ट्रेशन नंबर JH-01CJ-7840 था, जो 24 दिसंबर 2019 को रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के भगीरथा गांव में एक रिश्तेदार के घर के पास से चोरी हो गई थी।
मामले में दिनारा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। 19 जून 2020 को उक्त स्कॉर्पियो को गोपालगंज जिले के सिंघवलिया थाना क्षेत्र से शराब के साथ जब्त किया गया। आरोप है कि शराब तस्करों ने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर बदलकर BR-06PD-9070 कर दिया था, जबकि इंजन और चेसिस नंबर पुराने ही थे। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्ष, मद्यनिषेध नीलामी समिति द्वारा 17 दिसंबर 2021 को वाहन की विधिवत नीलामी कर दी गई। आरोप है कि इसके बाद DTO कार्यालय में पदस्थापित लिपिक की कथित मिलीभगत से रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर का समुचित मिलान किए बिना वाहन को दूसरे व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कर दिया गया।
करीब चार वर्ष बाद सिंघवलिया पुलिस की ओर से राधेश्याम सिंह को सूचना दी गई कि उनकी चोरी हुई स्कॉर्पियो बरामद होने के बाद नीलाम कर दी गई है। अधिकारियों से न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आर्थिक अपराध इकाई, पटना में 20 नवंबर 2025 को कांड संख्या 42/25 दर्ज किया गया। मामले में कन्हैया लाल को प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है। इसके अलावा गोपालगंज के तत्कालीन अध्यक्ष, मद्यनिषेध नीलामी समिति के एक सदस्य तथा एक बीडर को भी प्राथमिकी अभियुक्त बनाए जाने की जानकारी है।
गिरफ्तार प्रधान लिपिक कन्हैया लाल से आर्थिक अपराध इकाई की टीम पूछताछ कर रही है। मामले में आरोपों की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
कन्हैया लाल वर्ष 2021 में गोपालगंज DTO कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि चोरी की गई एक स्कॉर्पियो को शराब के साथ बरामद किए जाने के बाद उसके रजिस्ट्रेशन में कथित रूप से हेरफेर किया गया और बाद में वाहन को नीलामी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कर दिया गया। यह वाहन कुमार सिंह विश्वविद्यालय के बीसी के चालक राधेश्याम सिंह का था। स्कॉर्पियो का रजिस्ट्रेशन नंबर JH-01CJ-7840 था, जो 24 दिसंबर 2019 को रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के भगीरथा गांव में एक रिश्तेदार के घर के पास से चोरी हो गई थी।
मामले में दिनारा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। 19 जून 2020 को उक्त स्कॉर्पियो को गोपालगंज जिले के सिंघवलिया थाना क्षेत्र से शराब के साथ जब्त किया गया। आरोप है कि शराब तस्करों ने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर बदलकर BR-06PD-9070 कर दिया था, जबकि इंजन और चेसिस नंबर पुराने ही थे। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्ष, मद्यनिषेध नीलामी समिति द्वारा 17 दिसंबर 2021 को वाहन की विधिवत नीलामी कर दी गई। आरोप है कि इसके बाद DTO कार्यालय में पदस्थापित लिपिक की कथित मिलीभगत से रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर का समुचित मिलान किए बिना वाहन को दूसरे व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कर दिया गया।
करीब चार वर्ष बाद सिंघवलिया पुलिस की ओर से राधेश्याम सिंह को सूचना दी गई कि उनकी चोरी हुई स्कॉर्पियो बरामद होने के बाद नीलाम कर दी गई है। अधिकारियों से न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आर्थिक अपराध इकाई, पटना में 20 नवंबर 2025 को कांड संख्या 42/25 दर्ज किया गया। मामले में कन्हैया लाल को प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है। इसके अलावा गोपालगंज के तत्कालीन अध्यक्ष, मद्यनिषेध नीलामी समिति के एक सदस्य तथा एक बीडर को भी प्राथमिकी अभियुक्त बनाए जाने की जानकारी है।
गिरफ्तार प्रधान लिपिक कन्हैया लाल से आर्थिक अपराध इकाई की टीम पूछताछ कर रही है। मामले में आरोपों की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।