Local
नवादा: अहमदी गांव की जर्जर सड़क बरसात में बनी कीचड़ का दलदल, राहगीर परेशान
सिरदला प्रखंड के अहमदी गांव में लगातार बारिश के कारण सड़क पर जलजमाव और कीचड़ की स्थिति भयावह हो गई है, जिससे ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। कई वर्षों से मरम्मत की मांग के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
नवादा जिले के सिरदला प्रखंड क्षेत्र में जारी मूसलाधार बारिश ने जहां किसानों को राहत दी है, वहीं गांवों की जर्जर सड़कों पर जलजमाव और कीचड़ ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजन पंचायत के अहमदी गांव की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहाँ सड़क पर बने गहरे गड्ढे और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं और अन्य राहगीरों के लिए पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो गया है।
प्रतापपुर से चारमुहानी, अहमदी होते हुए राजन तीनमुहानी तक जाने वाला लगभग ढाई किलोमीटर लंबा यह मार्ग पिछले कई वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब चार वर्षों से वे पंचायत प्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्य और सांसद सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों से सड़क की मरम्मत की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बारिश के मौसम में स्थिति और विकट हो जाती है, जब सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अपने घरों के सामने पानी रोकने के लिए बनाए गए बांधों के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है, जिससे कीचड़ का दलदल बन जाता है। ऐसे में लोगों को अपने जूते-चप्पल हाथ में लेकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है।
कुछ जनप्रतिनिधियों के अनुसार, प्रतापपुर से अहमदी होते हुए राजन तीनमुहानी तक इस ढाई किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए लगभग 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक की बड़ी राशि की आवश्यकता होगी। इस बीच, सिरदला के बीडीओ अमित कुमार ने स्वीकार किया है कि अहमदी गांव की सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर है और आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण विभाग को इस समस्या से अवगत करा दिया गया है और जल्द से जल्द आवश्यक निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतापपुर से चारमुहानी, अहमदी होते हुए राजन तीनमुहानी तक जाने वाला लगभग ढाई किलोमीटर लंबा यह मार्ग पिछले कई वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब चार वर्षों से वे पंचायत प्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्य और सांसद सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों से सड़क की मरम्मत की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बारिश के मौसम में स्थिति और विकट हो जाती है, जब सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अपने घरों के सामने पानी रोकने के लिए बनाए गए बांधों के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है, जिससे कीचड़ का दलदल बन जाता है। ऐसे में लोगों को अपने जूते-चप्पल हाथ में लेकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है।
कुछ जनप्रतिनिधियों के अनुसार, प्रतापपुर से अहमदी होते हुए राजन तीनमुहानी तक इस ढाई किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए लगभग 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक की बड़ी राशि की आवश्यकता होगी। इस बीच, सिरदला के बीडीओ अमित कुमार ने स्वीकार किया है कि अहमदी गांव की सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर है और आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण विभाग को इस समस्या से अवगत करा दिया गया है और जल्द से जल्द आवश्यक निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।