📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NASA/NOAA/GSFC/Suomi NPP/VIIRS/Norman Kuring
मौसम
NASA की सैटेलाइट तस्वीर ने दिखाया बिहार में बाढ़ की तबाही
✍️ Amar Ujala · Muzaffarpur
🗓 04 अक्टू. 2026, 05:15 AM
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NASA ने 18 साल बाद पहली बार बिहार में बाढ़ की सैटेलाइट तस्वीर जारी की, जो जलमग्न क्षेत्रों की व्यापकता को दर्शाती है। यह छवि बाढ़ के पैमाने को स्पष्ट करती है।
भारी बारिशों के कारण बिहार के कई जिलों में जल स्तर बढ़ गया है, जिससे जनजीवन बाधित हो गया है। इस स्थिति को दर्ज करने के लिए NASA के पृथ्वी निरीक्षण उपग्रहों ने एक उच्च‑रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीर ली है, जो लगभग 18 वर्षों में पहली बार बिहार में बाढ़ की पूरी तस्वीर प्रस्तुत करती है।
NASA की सार्वजनिक संपर्क टीम द्वारा जारी इस छवि में कृषि भूमि, सड़कों और बस्तियों के बड़े हिस्से जलमग्न दिखाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तस्वीर नुकसान का आकलन, राहत कार्यों की योजना और भविष्य में बाढ़‑जोखिम मानचित्रण में मदद करेगी।
राज्य प्राधिकरण बचाव और राहत कार्यों के लिए नावों और राहत किटों को प्रभावित गांवों में पहुंचा रहे हैं। सैटेलाइट छवि ने मैदान में मिलने वाली रिपोर्टों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समर्थन दिया है, जिससे आपदा की गंभीरता स्पष्ट होती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस प्रकार के उपग्रह डेटा को स्थानीय अवलोकनों के साथ मिलाकर प्रारम्भिक चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ किया जा सकता है और बिहार जैसे बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक रोकथाम उपाय तैयार किए जा सकते हैं।
जैसे ही मानसून जारी है, प्रदेश में सतर्कता और तैयारी को बढ़ाने के लिए पुकार की जा रही है।
NASA की सार्वजनिक संपर्क टीम द्वारा जारी इस छवि में कृषि भूमि, सड़कों और बस्तियों के बड़े हिस्से जलमग्न दिखाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तस्वीर नुकसान का आकलन, राहत कार्यों की योजना और भविष्य में बाढ़‑जोखिम मानचित्रण में मदद करेगी।
राज्य प्राधिकरण बचाव और राहत कार्यों के लिए नावों और राहत किटों को प्रभावित गांवों में पहुंचा रहे हैं। सैटेलाइट छवि ने मैदान में मिलने वाली रिपोर्टों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समर्थन दिया है, जिससे आपदा की गंभीरता स्पष्ट होती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस प्रकार के उपग्रह डेटा को स्थानीय अवलोकनों के साथ मिलाकर प्रारम्भिक चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ किया जा सकता है और बिहार जैसे बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक रोकथाम उपाय तैयार किए जा सकते हैं।
जैसे ही मानसून जारी है, प्रदेश में सतर्कता और तैयारी को बढ़ाने के लिए पुकार की जा रही है।