📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Planning Commission
नौकरी
नागालैंड तकनीकी निकाय ने भर्ती विवाद में वैकेंसी क्लियरेंस नियम को हटाने की मांग की
✍️ India Today NE
🗓 23 सित. 2026, 05:36 AM
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नागालैंड के एक तकनीकी समिति ने भर्ती विवाद को लेकर लागू वैकेंसी क्लियरेंस नियम को तुरंत हटाने की मांग की है।
नागालैंड में भर्ती प्रक्रिया की देखरेख करने वाले तकनीकी निकाय ने राज्य सरकार से वैकेंसी क्लियरेंस नियम को तुरंत हटाने का औपचारिक अनुरोध किया है, जो वर्तमान भर्ती विवाद का कारण बन गया है। इस नियम के तहत नई नियुक्तियों से पहले सभी खाली पदों को साफ़ करना आवश्यक है, जिससे भर्ती में देरी और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
निकाय के बयान के अनुसार, यह नियम समय पर भर्ती को बाधित कर रहा है और कई उम्मीदवारों ने अनुचित व्यवहार का आरोप लगाते हुए याचिकाएँ दायर की हैं। निकाय ने सरकार को सुझाव दिया है कि खाली पदों को भरने के लिए अधिक लचीला दृष्टिकोण अपनाया जाए, जिससे आवेदनों और क्लियरेंस प्रक्रियाओं को समानांतर रूप से चलाया जा सके।
राज्य के अधिकारियों ने अभी तक निकाय की मांग का जवाब नहीं दिया है, पर स्रोतों के अनुसार तकनीकी निकाय और गृह विभाग के बीच इस सप्ताह एक बैठक निर्धारित है, जिसमें भर्ती ढांचे में संभावित संशोधनों पर चर्चा होगी।
यह विवाद नागालैंड के नौकरी चाहने वालों के बीच चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि भर्ती में लंबी देरी से सार्वजनिक सेवाओं की प्रदान में असर पड़ सकता है। सभी पक्ष सरकार के इस नियम को संशोधित या समाप्त करने के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
तकनीकी निकाय की इस पहल से राज्य स्तर पर भर्ती में नौकरशाही बाधाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं का संकेत मिलता है और भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने की व्यापक मांग को उजागर करता है।
निकाय के बयान के अनुसार, यह नियम समय पर भर्ती को बाधित कर रहा है और कई उम्मीदवारों ने अनुचित व्यवहार का आरोप लगाते हुए याचिकाएँ दायर की हैं। निकाय ने सरकार को सुझाव दिया है कि खाली पदों को भरने के लिए अधिक लचीला दृष्टिकोण अपनाया जाए, जिससे आवेदनों और क्लियरेंस प्रक्रियाओं को समानांतर रूप से चलाया जा सके।
राज्य के अधिकारियों ने अभी तक निकाय की मांग का जवाब नहीं दिया है, पर स्रोतों के अनुसार तकनीकी निकाय और गृह विभाग के बीच इस सप्ताह एक बैठक निर्धारित है, जिसमें भर्ती ढांचे में संभावित संशोधनों पर चर्चा होगी।
यह विवाद नागालैंड के नौकरी चाहने वालों के बीच चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि भर्ती में लंबी देरी से सार्वजनिक सेवाओं की प्रदान में असर पड़ सकता है। सभी पक्ष सरकार के इस नियम को संशोधित या समाप्त करने के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
तकनीकी निकाय की इस पहल से राज्य स्तर पर भर्ती में नौकरशाही बाधाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं का संकेत मिलता है और भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने की व्यापक मांग को उजागर करता है।