📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tomascastelazo
बिज़नेस
नागालैंड में तीसरा 'मेड इन नागालैंड' केंद्र, उद्यमियों को मिला नया मंच
✍️ The Times of India
🗓 09 सित. 2026, 05:03 AM
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राज्य सरकार ने तीसरा 'मेड इन नागालैंड' केंद्र खोला, जिससे स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बाजार में लाने का नया मंच मिला।
नागालैंड सरकार ने अपना तीसरा "मेड इन नागालैंड" केंद्र उद्घाटित किया, जिससे स्थानीय निर्मित वस्तुओं को बढ़ावा देने वाली इस प्रमुख पहल का विस्तार हुआ है। यह नया केंद्र राज्य के एक अनिर्दिष्ट स्थान पर स्थित है और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित, परीक्षण और व्यापक बाजार में बेचने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
2022 में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य कारीगरों, खाद्य प्रसंस्कर्ताओं और तकनीकी नवप्रवर्तकों के लिए साझा बुनियादी ढांचा, ब्रांडिंग सहायता और बाजार संपर्क प्रदान करके एक आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। तीसरे केंद्र के जुड़ने से अब यह कार्यक्रम नागालैंड के तीन रणनीतिक क्षेत्रों में फैला है, जिससे दूरस्थ जिलों के उद्यमियों को भी आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह विस्तारित नेटवर्क रोजगार सृजन, निर्यात क्षमता बढ़ाने और राज्य की गुणवत्तापूर्ण स्वदेशी उत्पादों की पहचान को मजबूत करने में मदद करेगा। केंद्र में प्रशिक्षण सत्र और नेटवर्किंग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्यमियों को व्यवसायिक कौशल मिलेंगे और वे राष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ सकेंगे।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्लेटफ़ॉर्म नागालैंड की कुटीर उद्योगों को राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में समाहित करने के लिए आवश्यक हैं, जिससे निवेश और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिल सकता है। "मेड इन नागालैंड" ब्रांड, जो पहले ही कई व्यापार मेलों में प्रदर्शित हो चुका है, नए केंद्र की आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से और अधिक पहचान हासिल करेगा।
2022 में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य कारीगरों, खाद्य प्रसंस्कर्ताओं और तकनीकी नवप्रवर्तकों के लिए साझा बुनियादी ढांचा, ब्रांडिंग सहायता और बाजार संपर्क प्रदान करके एक आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। तीसरे केंद्र के जुड़ने से अब यह कार्यक्रम नागालैंड के तीन रणनीतिक क्षेत्रों में फैला है, जिससे दूरस्थ जिलों के उद्यमियों को भी आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह विस्तारित नेटवर्क रोजगार सृजन, निर्यात क्षमता बढ़ाने और राज्य की गुणवत्तापूर्ण स्वदेशी उत्पादों की पहचान को मजबूत करने में मदद करेगा। केंद्र में प्रशिक्षण सत्र और नेटवर्किंग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्यमियों को व्यवसायिक कौशल मिलेंगे और वे राष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ सकेंगे।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्लेटफ़ॉर्म नागालैंड की कुटीर उद्योगों को राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में समाहित करने के लिए आवश्यक हैं, जिससे निवेश और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिल सकता है। "मेड इन नागालैंड" ब्रांड, जो पहले ही कई व्यापार मेलों में प्रदर्शित हो चुका है, नए केंद्र की आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से और अधिक पहचान हासिल करेगा।