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13 सित. 2026
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नाबालिग के वाहन चलाने का आरोप, नशे में ड्राइविंग और रेस लगाने की भी चर्चा; वाहन मालिक व SECL के वाहन विभाग पर उठे सवाल

✍️ रिपोर्टर: Vishwanath Pratap Singh 🗓 12 सित. 2026, 07:15 PM 👁 27
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कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र के विकास नगर में शुक्रवार दोपहर एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित श्री श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर की बाउंड्रीवाल से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई राहगीर बाल-बाल बच गए।

मिली जानकारी के अनुसार, SECL कुसमुंडा में ठेका कार्य में लगी बोलेरो वाहन क्रमांक CG 12 BB 4100 विकास नगर के कॉलोनी मार्ग से गुजर रही थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहन तेज रफ्तार में था और किसी अन्य चार पहिया वाहन के साथ रेस लगाए जाने की चर्चा भी सामने आई है। इसी दौरान बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी नाली को पार करते हुए मंदिर की बाउंड्रीवाल से जा टकराई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की रफ्तार काफी अधिक थी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।
चालक के नाबालिग होने का भी दावा
घटना के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने वाहन चालक के नाबालिग होने का दावा किया है। वहीं वाहन चालक के नशे की हालत में होने की बात भी स्थानीय स्तर पर कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस या संबंधित विभाग की ओर से होना बाकी है।

यदि चालक वास्तव में नाबालिग था, तो यह सवाल गंभीर हो जाता है कि उसे वाहन चलाने की अनुमति किसने दी और वाहन की जिम्मेदारी किसकी थी?

वाहन मालिक और संबंधित विभाग पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल चालक के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं होनी चाहिए। यदि जांच में नाबालिग द्वारा वाहन चलाने या नशे में वाहन चलाने की पुष्टि होती है, तो वाहन मालिक की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।

लोगों ने SECL के संबंधित वाहन विभाग से भी मामले का संज्ञान लेने और ठेका कार्य में लगे वाहनों के चालक, दस्तावेज, लाइसेंस तथा सुरक्षा मानकों की जांच की मांग की है।

बड़ा हादसा टला, लेकिन सवाल बरकरार
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर हादसे के समय मंदिर के आसपास या सड़क पर राहगीरों की संख्या अधिक होती तो स्थिति कितनी गंभीर हो सकती थी? मंदिर की बाउंड्रीवाल से टकराने के बाद भी यदि वाहन कुछ दूरी आगे बढ़ता, तो इसकी चपेट में राहगीर या कॉलोनीवासी आ सकते थे।

फिलहाल घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। लेकिन इस हादसे ने कॉलोनी क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों और ठेका वाहनों की निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना होगा कि पुलिस जांच में चालक की उम्र, वाहन चलाने की वैध अनुमति, नशे की स्थिति, वाहन की गति और वाहन मालिक की जिम्मेदारी को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
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