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नो एंट्री के बावजूद नकाश कोल कंपनी के हाइवा का परिचालन जारी बाइक सवार युवक की मौत दूसरा गंभीर
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नो एंट्री के बावजूद नकाश कोल कंपनी के हाइवा का परिचालन जारी बाइक सवार युवक की मौत दूसरा गंभीर
नो एंट्री के बावजूद नकाश कोल कंपनी के हाइवा का परिचालन जारी, बाइक सवार युवक की मौत, दूसरा गंभीर
सिमरिया-बगरा रोड पर गोआ पेट्रोल पंप के समीप दर्दनाक हादसा, कोयला वाहनों के परिचालन पर उठे सवाल
संवाददाता निरंजन कुमार साव
चतरा। कोयला ढुलाई में लगे भारी वाहनों से एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। सोमवार सुबह करीब छह बजे सिमरिया-बगरा रोड पर गोआ पेट्रोल पंप के समीप नकाश कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के हाइवा की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दो युवक हादसे का शिकार हो गए। इस घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। दोनों युवक डाड़ी और बाकचौमा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित पाण्डु कोल माइंस से टंडवा, सिमरिया और बगरा होते हुए टोरी साइडिंग तक कोयले की ढुलाई की जाती है। इसी परिवहन मार्ग पर हुए इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश का माहौल है।
नो एंट्री के बावजूद भारी वाहनों का परिचालन, व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर लागू नो एंट्री व्यवस्था और भारी वाहनों के परिचालन की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्धारित प्रतिबंधों के बावजूद भारी वाहन सड़कों पर चल रहे हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन हो और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कोयला परिवहन के बीच आम लोगों की सुरक्षा अहम
टंडवा-सिमरिया-बगरा मार्ग पर कोयला वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से ही चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के परिचालन से सड़क पर चलने वाले आम लोगों, खासकर बाइक सवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता बरतने की जरूरत है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मार्ग पर कोयला वाहनों के परिचालन की समीक्षा की जाए और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने तक आवश्यक सख्त कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि विकास और कोयला परिवहन के नाम पर आम लोगों की जान जोखिम में नहीं पड़नी चाहिए।
स्थानीय ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेने, नो एंट्री के नियमों की जांच करने तथा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि आखिर सड़क सुरक्षा और नो एंट्री के नियमों का प्रभावी पालन कब सुनिश्चित होगा, ताकि कोयला परिवहन के बीच आम लोगों की जान सुरक्षित रह सके।
रिपोर्टर निरंजन कुमार साव
सिमरिया-बगरा रोड पर गोआ पेट्रोल पंप के समीप दर्दनाक हादसा, कोयला वाहनों के परिचालन पर उठे सवाल
संवाददाता निरंजन कुमार साव
चतरा। कोयला ढुलाई में लगे भारी वाहनों से एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। सोमवार सुबह करीब छह बजे सिमरिया-बगरा रोड पर गोआ पेट्रोल पंप के समीप नकाश कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के हाइवा की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दो युवक हादसे का शिकार हो गए। इस घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। दोनों युवक डाड़ी और बाकचौमा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित पाण्डु कोल माइंस से टंडवा, सिमरिया और बगरा होते हुए टोरी साइडिंग तक कोयले की ढुलाई की जाती है। इसी परिवहन मार्ग पर हुए इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश का माहौल है।
नो एंट्री के बावजूद भारी वाहनों का परिचालन, व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर लागू नो एंट्री व्यवस्था और भारी वाहनों के परिचालन की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्धारित प्रतिबंधों के बावजूद भारी वाहन सड़कों पर चल रहे हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन हो और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कोयला परिवहन के बीच आम लोगों की सुरक्षा अहम
टंडवा-सिमरिया-बगरा मार्ग पर कोयला वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से ही चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के परिचालन से सड़क पर चलने वाले आम लोगों, खासकर बाइक सवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता बरतने की जरूरत है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मार्ग पर कोयला वाहनों के परिचालन की समीक्षा की जाए और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने तक आवश्यक सख्त कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि विकास और कोयला परिवहन के नाम पर आम लोगों की जान जोखिम में नहीं पड़नी चाहिए।
स्थानीय ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेने, नो एंट्री के नियमों की जांच करने तथा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि आखिर सड़क सुरक्षा और नो एंट्री के नियमों का प्रभावी पालन कब सुनिश्चित होगा, ताकि कोयला परिवहन के बीच आम लोगों की जान सुरक्षित रह सके।
रिपोर्टर निरंजन कुमार साव