📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pooja Jadhav
धर्म
मुंबई के गणेश मंडलों ने महाराष्ट्र FDA से महाप्रसाद सुरक्षा मानकों की स्पष्ट दिशा-निर्देशों की मांग
✍️ Mid-Day
🗓 08 सित. 2026, 02:37 AM
👁 6
मुंबई के गणेश मंडलों ने खाद्य‑सुरक्षा उपायों का समर्थन किया और महाप्रसाद की तैयारी के लिए महाराष्ट्र FDA से विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया जारी करने की मांग की।
मुंबई के कई गणेश मंडलों ने राज्य की नई खाद्य‑सुरक्षा पहल को औपचारिक रूप से समर्थन दिया है और महाप्रसाद की तैयारी के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की आवश्यकता पर बल दिया है, जो गणेश उत्सव के दौरान वितरित पवित्र प्रसाद है।
मंडल प्रतिनिधियों ने कहा कि वे महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण (FDA) के सार्वजनिक सभाओं में परोसे जाने वाले सभी खाद्य पदार्थों को स्वच्छ मानकों के अनुरूप बनाने के प्रयास का स्वागत करते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि महाप्रसाद के लिए विशिष्ट SOP की अनुपस्थिति से आयोजकों को सामग्री, पकाने की विधि और भंडारण के बारे में अनिश्चितता रहती है।
संयुक्त बयान में मंडलों ने FDA से अनुरोध किया कि वह धार्मिक परम्पराओं को आधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ संरेखित करने वाला विस्तृत प्रोटोकॉल जारी करे। उन्होंने कहा कि ऐसे दिशा‑निर्देशों से दूषित भोजन की संभावना घटेगी और प्रसाद की आध्यात्मिक पवित्रता बनी रहेगी।
महाराष्ट्र FDA ने पहले सड़क‑भोजन और बड़े पैमाने पर खानपान के लिए स्वच्छता संबंधी सलाह जारी की थी। अधिकारियों ने बताया कि वे मंडलों की मांग पर विचार कर रहे हैं और निकट भविष्य में महाप्रसाद के लिए विशेष SOP तैयार करने की संभावना है।
यदि यह SOP लागू हो जाता है, तो यह राज्य के सभी धार्मिक समारोहों में एक मानक बन सकता है, जिससे भक्तों को शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों रूप से सुरक्षित भोजन मिल सकेगा।
मंडल प्रतिनिधियों ने कहा कि वे महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण (FDA) के सार्वजनिक सभाओं में परोसे जाने वाले सभी खाद्य पदार्थों को स्वच्छ मानकों के अनुरूप बनाने के प्रयास का स्वागत करते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि महाप्रसाद के लिए विशिष्ट SOP की अनुपस्थिति से आयोजकों को सामग्री, पकाने की विधि और भंडारण के बारे में अनिश्चितता रहती है।
संयुक्त बयान में मंडलों ने FDA से अनुरोध किया कि वह धार्मिक परम्पराओं को आधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ संरेखित करने वाला विस्तृत प्रोटोकॉल जारी करे। उन्होंने कहा कि ऐसे दिशा‑निर्देशों से दूषित भोजन की संभावना घटेगी और प्रसाद की आध्यात्मिक पवित्रता बनी रहेगी।
महाराष्ट्र FDA ने पहले सड़क‑भोजन और बड़े पैमाने पर खानपान के लिए स्वच्छता संबंधी सलाह जारी की थी। अधिकारियों ने बताया कि वे मंडलों की मांग पर विचार कर रहे हैं और निकट भविष्य में महाप्रसाद के लिए विशेष SOP तैयार करने की संभावना है।
यदि यह SOP लागू हो जाता है, तो यह राज्य के सभी धार्मिक समारोहों में एक मानक बन सकता है, जिससे भक्तों को शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों रूप से सुरक्षित भोजन मिल सकेगा।