📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
शिक्षा
एमपी हाई कोर्ट ने अनुपस्थिति व प्रॉक्सी पढ़ाने को सेवा दुराचार बताया
✍️ Live Law
🗓 20 सित. 2026, 07:31 PM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों की अनधिकृत अनुपस्थिति और प्रॉक्सी पढ़ाना सेवा दुराचार है, धोखाधड़ी नहीं।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जब कोई शिक्षक बिना अनुमति के कक्षा से अनुपस्थित रहता है या किसी अन्य व्यक्ति को अपनी जगह पढ़ाने देता है, तो यह कार्य सेवा नियमों के तहत सेवा दुराचार माना जाएगा।
न्यायालय ने दुराचार और धोखाधड़ी के बीच अंतर किया, यह कहते हुए कि धोखाधड़ी का अर्थ शैक्षणिक लाभ के लिए धोखेबाज़ी करना है, जबकि दुराचार का अर्थ कर्तव्य का पालन न करना है। इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई सेवा दुराचार की धारा के तहत की जा सकती है, बिना धोखाधड़ी के प्रावधानों को लागू किए।
यह निर्णय राज्य के स्कूल प्रशासन पर बड़ा प्रभाव डालेगा, जिससे वे सेवा नियमों के आधार पर निलंबन या बर्खास्तगी जैसे दंड लागू कर सकेंगे, जबकि धोखाधड़ी के आरोपों को अनुचित रूप से नहीं लगाया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पूर्व के न्यायिक निर्णयों के अनुरूप है, जो शैक्षणिक धोखाधड़ी और प्रशासनिक लापरवाही को अलग करता है, और अन्य राज्यों में समान मामलों को दिशा दे सकता है।
न्यायालय ने दुराचार और धोखाधड़ी के बीच अंतर किया, यह कहते हुए कि धोखाधड़ी का अर्थ शैक्षणिक लाभ के लिए धोखेबाज़ी करना है, जबकि दुराचार का अर्थ कर्तव्य का पालन न करना है। इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई सेवा दुराचार की धारा के तहत की जा सकती है, बिना धोखाधड़ी के प्रावधानों को लागू किए।
यह निर्णय राज्य के स्कूल प्रशासन पर बड़ा प्रभाव डालेगा, जिससे वे सेवा नियमों के आधार पर निलंबन या बर्खास्तगी जैसे दंड लागू कर सकेंगे, जबकि धोखाधड़ी के आरोपों को अनुचित रूप से नहीं लगाया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पूर्व के न्यायिक निर्णयों के अनुरूप है, जो शैक्षणिक धोखाधड़ी और प्रशासनिक लापरवाही को अलग करता है, और अन्य राज्यों में समान मामलों को दिशा दे सकता है।