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24 अक्टू. 2026•
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एमपी उच्च न्यायालय ने पुलिस अधिकारी के बर्खास्तगी की समीक्षा का आदेश दिया, भाई को मिली राहत के बाद
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lakhan Singh Bhargav
अपराध

एमपी उच्च न्यायालय ने पुलिस अधिकारी के बर्खास्तगी की समीक्षा का आदेश दिया, भाई को मिली राहत के बाद

✍️ The Indian Express 🗓 24 अक्टू. 2026, 06:04 AM 👁 16
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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने उसी भ्रष्टाचार मामले में भाई को मिली राहत के बाद पुलिस अधिकारी की बर्खास्तगी की समीक्षा का आदेश दिया।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने आज एक पुलिस अधिकारी की बर्खास्तगी की समीक्षा का आदेश दिया, जो उसी भ्रष्टाचार मामले में शामिल था। यह निर्णय उसी मामले में भाई को दी गई राहत के बाद आया, जिसे अलग से न्यायालय ने दिया था। इस आदेश से यह स्पष्ट होता है कि बर्खास्तगी के निर्णय की पुनः जाँच की जाएगी। पुलिस विभाग को अगले 30 दिनों के भीतर जवाबी याचिका दायर करनी होगी।

यह भ्रष्टाचार मामला व्यापक मीडिया कवरेज के साथ सामने आया, जिसमें आरोप थे कि अधिकारी ने कुछ पुलिस कार्यों को सुगम बनाने के बदले में रिश्वत ली। भाई को राहत देने का फैसला प्रक्रिया संबंधी कारणों पर आधारित था, जबकि अधिकारी की बर्खास्तगी दुराचार के निष्कर्ष पर आधारित थी। उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप संबंधित मामलों में एकरूपता की आवश्यकता को दर्शाता है।

कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि इस समीक्षा से भविष्य में अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए मिसाल कायम हो सकती है। वे तर्क देते हैं कि जवाबदेही बनाए रखना सार्वजनिक विश्वास के लिए अनिवार्य है। दूसरी ओर, न्यायालय का निर्णय शक्ति के दुरुपयोग के विरुद्ध एक सुरक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

आगे की प्रक्रिया में न्यायालय दोनों पक्षों, अर्थात् पुलिस विभाग और अधिकारी के कानूनी सलाहकार, से लिखित तर्क प्राप्त करेगा। इस वर्ष के अंत तक अंतिम निर्णय की उम्मीद है, जो यह तय करेगा कि बर्खास्तगी कायम रहेगी या उलट दी जाएगी।
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