📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
मौसम
मौसम की चिंता बनी: मानसून समाप्त, एल निनो जारी
✍️ The Times of India
🗓 22 अक्टू. 2026, 05:19 AM
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भारत में मानसून समाप्त हो गया है, पर एल निनो जारी है, जिससे मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है।
भारत का मानसून, जो देश की कृषि और अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तम्भ रहा है, इस वर्ष आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है। परन्तु जलवायु वैज्ञानिकों ने बताया कि एल निनो, एक महासागर‑वायुमंडलीय घटना जो वैश्विक मौसम पैटर्न को प्रभावित करती है, अभी भी सक्रिय है।
एल निनो के जारी रहने से भारत का मौसम पूर्वानुमान अस्थिर बना हुआ है। ऐसे क्षेत्र जहाँ सामान्यतः मानसून की वर्षा पर निर्भरता होती है, वे अभी भी अनियमित वर्षा का सामना कर सकते हैं, जिससे कुछ जगहों पर सूखा और अन्य जगहों पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि यह दोहरी अनिश्चितता कृषि योजना और जल संसाधन प्रबंधन को जटिल बना सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एल निनो के जारी रहने से उत्तर में लगातार सूखे और दक्षिण में अनियमित वर्षा की संभावना बढ़ सकती है, जो फसल उत्पादन और जल आपूर्ति पर असर डाल सकती है। पोस्ट‑मानसून सीजन में देश को खाद्य सुरक्षा और आजीविका पर संभावित प्रभावों को कम करने के लिए अनुकूलन रणनीतियाँ तैयार करनी होंगी।
एल निनो के जारी रहने से भारत का मौसम पूर्वानुमान अस्थिर बना हुआ है। ऐसे क्षेत्र जहाँ सामान्यतः मानसून की वर्षा पर निर्भरता होती है, वे अभी भी अनियमित वर्षा का सामना कर सकते हैं, जिससे कुछ जगहों पर सूखा और अन्य जगहों पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि यह दोहरी अनिश्चितता कृषि योजना और जल संसाधन प्रबंधन को जटिल बना सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एल निनो के जारी रहने से उत्तर में लगातार सूखे और दक्षिण में अनियमित वर्षा की संभावना बढ़ सकती है, जो फसल उत्पादन और जल आपूर्ति पर असर डाल सकती है। पोस्ट‑मानसून सीजन में देश को खाद्य सुरक्षा और आजीविका पर संभावित प्रभावों को कम करने के लिए अनुकूलन रणनीतियाँ तैयार करनी होंगी।