📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
बिज़नेस
Monolithisch India ने बिहार में 157 करोड़ रुपये की क्वार्ट्जाइट ब्लॉक हासिल की
✍️ The Economic Times
🗓 12 सित. 2026, 12:18 PM
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Monolithisch India ने बिहार में 157 करोड़ रुपये मूल्य की क्वार्ट्जाइट ब्लॉक की खरीद के लिए अनुबंध जीत लिया, जैसा कि द इकॉनमिक टाइम्स ने बताया।
Monolithisch India, जो पत्थर के खनन और प्रोसेसिंग में अग्रणी है, को बिहार राज्य में स्थित क्वार्ट्जाइट ब्लॉक के अधिकार प्राप्त हुए हैं। द इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार, इस सौदे का मूल्य लगभग 157 करोड़ रुपये है, जो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में उच्च‑गुणवत्ता वाले प्राकृतिक पत्थर की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
यह क्वार्ट्जाइट जमा एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहाँ टिकाऊ खनिज संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं, और इस अधिग्रहण से Monolithisch India की आपूर्ति श्रृंखला घरेलू तथा निर्यात दोनों बाजारों में मजबूत होगी। उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि यह बड़ा निवेश बिहार की खनन क्षमता और समग्र निर्माण क्षेत्र में विश्वास को दर्शाता है।
राज्य खनन विभाग से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही खनन कार्य शुरू होगा। परियोजना के शुरू होने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य को रॉयल्टी व करों के माध्यम से अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
Monolithisch India ने खनन शुरू करने की विस्तृत समय‑सीमा अभी नहीं बताई है, पर कंपनी ने कहा है कि वह सरकार द्वारा निर्धारित पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन करेगी।
यह लेन‑देन इस वर्ष भारत के पत्थर उद्योग में सबसे बड़े एकल‑संपत्ति खरीद में से एक है, जो व्यापक आर्थिक उतार‑चढ़ाव के बीच भी इस क्षेत्र की लचीलापन को उजागर करता है।
यह क्वार्ट्जाइट जमा एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहाँ टिकाऊ खनिज संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं, और इस अधिग्रहण से Monolithisch India की आपूर्ति श्रृंखला घरेलू तथा निर्यात दोनों बाजारों में मजबूत होगी। उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि यह बड़ा निवेश बिहार की खनन क्षमता और समग्र निर्माण क्षेत्र में विश्वास को दर्शाता है।
राज्य खनन विभाग से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही खनन कार्य शुरू होगा। परियोजना के शुरू होने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य को रॉयल्टी व करों के माध्यम से अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
Monolithisch India ने खनन शुरू करने की विस्तृत समय‑सीमा अभी नहीं बताई है, पर कंपनी ने कहा है कि वह सरकार द्वारा निर्धारित पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन करेगी।
यह लेन‑देन इस वर्ष भारत के पत्थर उद्योग में सबसे बड़े एकल‑संपत्ति खरीद में से एक है, जो व्यापक आर्थिक उतार‑चढ़ाव के बीच भी इस क्षेत्र की लचीलापन को उजागर करता है।