📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
रक्षा
मॉदी सरकार ने अरुणाचल में चीन के घुसपैठ के बाद सीमा सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता बताया, रीज़ीु ने कहा
✍️ The Hindu
🗓 21 अग. 2026, 03:33 AM
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केंद्रीय मंत्री किरन रीज़ीु ने कहा कि चीन के अरुणाचल में घुसपैठ के बाद मोदी सरकार अब सीमा सुरक्षा को प्रमुख प्राथमिकता बना रही है।
केंद्रीय मंत्री किरन रीज़ीु ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में चीन के घुसपैठ के आरोप ने सरकार को सीमा नीति पर पुनर्विचार करने पर मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर की सीमा को कई सालों तक पर्याप्त ध्यान नहीं मिला, लेकिन इस घटना ने इसे मोदी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बना दिया है।
रीज़ीु ने कहा कि सरकार लाक (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के साथ बुनियादी ढाँचा तेज़ करेगी, अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगी और निगरानी को सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों, संचार नेटवर्क और अग्रिम ठिकानों में निवेश बढ़ाया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी घुसपैठ को रोका जा सके।
मंत्री ने यह भी कहा कि मजबूत सीमा स्थिति भारत की संप्रभुता की रक्षा और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों के विकास दोनों के लिए आवश्यक है। उन्होंने राज्य अधिकारियों और स्थानीय समुदायों से सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।
हालांकि उन्होंने विशिष्ट समय‑सीमा नहीं बताई, रीज़ीु ने कहा कि सीमा प्रबंधन की व्यापक समीक्षा चल रही है और आगामी बजट में उत्तर‑पूर्व में रक्षा और बुनियादी ढाँचा खर्च में वृद्धि देखी जाएगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव कई वर्षों के उपेक्षा के बाद एक रणनीतिक पुनर्संतुलन को दर्शाता है, जिसमें चीन के साथ कूटनीतिक संवाद के साथ-साथ जमीनी स्तर पर सशक्त उपस्थिति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
रीज़ीु ने कहा कि सरकार लाक (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के साथ बुनियादी ढाँचा तेज़ करेगी, अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगी और निगरानी को सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों, संचार नेटवर्क और अग्रिम ठिकानों में निवेश बढ़ाया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी घुसपैठ को रोका जा सके।
मंत्री ने यह भी कहा कि मजबूत सीमा स्थिति भारत की संप्रभुता की रक्षा और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों के विकास दोनों के लिए आवश्यक है। उन्होंने राज्य अधिकारियों और स्थानीय समुदायों से सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।
हालांकि उन्होंने विशिष्ट समय‑सीमा नहीं बताई, रीज़ीु ने कहा कि सीमा प्रबंधन की व्यापक समीक्षा चल रही है और आगामी बजट में उत्तर‑पूर्व में रक्षा और बुनियादी ढाँचा खर्च में वृद्धि देखी जाएगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव कई वर्षों के उपेक्षा के बाद एक रणनीतिक पुनर्संतुलन को दर्शाता है, जिसमें चीन के साथ कूटनीतिक संवाद के साथ-साथ जमीनी स्तर पर सशक्त उपस्थिति को बढ़ावा दिया जा रहा है।