📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michal Klajban
राजनीति
गायब वोट और चुनावी विलोपन: भारत के मतगणना प्रक्रिया पर उठते सवाल
✍️ The New Indian Express
🗓 31 अग. 2026, 01:37 PM
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द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने गायब वोट और चुनावी विलोपन के राजनीतिक पहलुओं पर सवाल उठाते हुए भारत की मतगणना प्रक्रिया की जांच की आवश्यकता बताई।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने “गायब वोट और चुनावी विलोपन की राजनीति” शीर्षक से एक विस्तृत विश्लेषण प्रकाशित किया है, जिसमें हालिया चुनावों में मतगणना में देखी गई अनियमितताओं को उजागर किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई निर्वाचन क्षेत्रों में अनगिनत या गायब मतों की रिपोर्टें सामने आई हैं, जिससे मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं।
लेख में यह बताया गया है कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा मतों को हटाने या बदलने की कोशिश की जा रही है, जिसे “चुनावी विलोपन” कहा गया है। यदि यह तथ्य सिद्ध हो जाता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और जनता का चुनावी परिणामों में भरोसा कम कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कड़ी ऑडिट प्रणाली, स्वतंत्र निगरानी निकाय और वास्तविक‑समय मॉनिटरिंग लागू की जानी चाहिए, ताकि मतों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पहचाना और रोका जा सके। वे कहते हैं कि भारत के चुनावों की अखंडता बनाए रखने के लिए एक मजबूत सत्यापन ढांचा आवश्यक है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया है कि वह इन रिपोर्टेड विसंगतियों की तुरंत जांच करे और ऐसे सुधारात्मक कदम उठाए जिससे हर वैध वोट सही ढंग से गिना और दर्ज हो सके।
लेख का निष्कर्ष यह है कि मतपत्र की पवित्रता की रक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें संस्थाएँ, राजनीतिक दल और नागरिक समाज सभी को सतर्क रहना चाहिए।
लेख में यह बताया गया है कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा मतों को हटाने या बदलने की कोशिश की जा रही है, जिसे “चुनावी विलोपन” कहा गया है। यदि यह तथ्य सिद्ध हो जाता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और जनता का चुनावी परिणामों में भरोसा कम कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कड़ी ऑडिट प्रणाली, स्वतंत्र निगरानी निकाय और वास्तविक‑समय मॉनिटरिंग लागू की जानी चाहिए, ताकि मतों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पहचाना और रोका जा सके। वे कहते हैं कि भारत के चुनावों की अखंडता बनाए रखने के लिए एक मजबूत सत्यापन ढांचा आवश्यक है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया है कि वह इन रिपोर्टेड विसंगतियों की तुरंत जांच करे और ऐसे सुधारात्मक कदम उठाए जिससे हर वैध वोट सही ढंग से गिना और दर्ज हो सके।
लेख का निष्कर्ष यह है कि मतपत्र की पवित्रता की रक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें संस्थाएँ, राजनीतिक दल और नागरिक समाज सभी को सतर्क रहना चाहिए।