📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Water Resources, River Development and
शिक्षा
मेघालय में अल्पसंख्यक पैनलों ने भाषा दक्षता नियम की समीक्षा की माँग की
✍️ Meghalaya Monitor
🗓 12 अक्टू. 2026, 03:02 AM
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अल्पसंख्यक प्रतिनिधि पैनलों ने राज्य के भाषा दक्षता नियम की पुनः समीक्षा की मांग की है, जिससे अल्पसंख्यक समुदायों को लाभ हो सके।
मेघालय के अल्पसंख्यक पैनलों ने वर्तमान में लागू भाषा दक्षता नियम की पुनः समीक्षा की औपचारिक मांग की है। पैनलों का मानना है कि यह नियम राज्य के अल्पसंख्यक समूहों के भाषाई अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने राज्य प्राधिकरणों से इस नियम को पुनः विचार करने का आग्रह किया है ताकि यह भाषाई विविधता के संवैधानिक आश्वासनों के अनुरूप हो सके। यह अनुरोध मेघालय मॉनिटर द्वारा रिपोर्ट किया गया है, जो भाषा नीति के कार्यान्वयन को लेकर अल्पसंख्यक समुदायों की बढ़ती चिंता को उजागर करता है। अभी तक समयसीमा या विशिष्ट कदमों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
यह अपील भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में भाषा नीति पर चल रहे व्यापक बहस को रेखांकित करती है, जहाँ कई भाषाएँ सह-अस्तित्व में हैं। हितधारकों से उम्मीद की जा रही है कि वे सरकार के साथ संवाद करके पैनलों की चिंताओं को संबोधित करेंगे।
मेघालय सरकार ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और यह मुद्दा नागरिक समाज तथा मीडिया द्वारा नज़र में रखा गया है।
यह अपील भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में भाषा नीति पर चल रहे व्यापक बहस को रेखांकित करती है, जहाँ कई भाषाएँ सह-अस्तित्व में हैं। हितधारकों से उम्मीद की जा रही है कि वे सरकार के साथ संवाद करके पैनलों की चिंताओं को संबोधित करेंगे।
मेघालय सरकार ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और यह मुद्दा नागरिक समाज तथा मीडिया द्वारा नज़र में रखा गया है।