📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pateatlau at English Wikipedia
बिज़नेस
शिलॉंग मीट में मेघालय के MSMEs ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ निर्यात समझौते किए
✍️ India Today NE
🗓 09 अक्टू. 2026, 07:47 PM
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शिलॉंग में आयोजित व्यापार सम्मेलन में मेघालय के माइक्रो, स्मॉल और मिडियम एंटरप्राइज़ेज़ ने विदेशियों के साथ निर्यात समझौते पर हस्ताक्षर किए।
मेघालय सरकार ने शिलॉंग में एक व्यापार सम्मेलन आयोजित किया, जहाँ स्थानीय माइक्रो, स्मॉल और मिडियम एंटरप्राइज़ेज़ (MSMEs) ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ निर्यात‑उन्मुख समझौते (MoU) किए। इस सभा में हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और इंजीनियरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे, जो राज्य की उत्पादन क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए आए थे।
राज्य के अधिकारियों ने कहा कि ये MoU मेघालय के उत्पादों को नए विदेशी बाजारों में प्रवेश दिलाने, निर्यात पोर्टफोलियो को विविध बनाने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में मदद करेंगे। जबकि समझौतों की सटीक संख्या नहीं बताई गई, प्रतिभागियों ने वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए इन साझेदारियों को उपयोगी बनाने की आशा व्यक्त की।
समारोह में निर्यात तैयारियों के लिए सरकारी योजनाओं, जैसे वित्तीय प्रोत्साहन और क्षमता‑वृद्धि कार्यक्रमों, का संक्षिप्त परिचय भी दिया गया। आयोजकों ने कहा कि आगे के कदमों में शिपमेंट सुविधा, अनुपालन सहायता और बाजार अनुसंधान शामिल होंगे, ताकि समझौते वास्तविक व्यापार में बदल सकें।
समग्र रूप से, शिलॉंग मीट मेघालय के MSME क्षेत्र को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उत्तर‑पूर्वी भारत में राज्य को एक प्रमुख निर्यातक बनाने की दिशा में उसकी महत्वाकांक्षा को सुदृढ़ करता है।
राज्य के अधिकारियों ने कहा कि ये MoU मेघालय के उत्पादों को नए विदेशी बाजारों में प्रवेश दिलाने, निर्यात पोर्टफोलियो को विविध बनाने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में मदद करेंगे। जबकि समझौतों की सटीक संख्या नहीं बताई गई, प्रतिभागियों ने वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए इन साझेदारियों को उपयोगी बनाने की आशा व्यक्त की।
समारोह में निर्यात तैयारियों के लिए सरकारी योजनाओं, जैसे वित्तीय प्रोत्साहन और क्षमता‑वृद्धि कार्यक्रमों, का संक्षिप्त परिचय भी दिया गया। आयोजकों ने कहा कि आगे के कदमों में शिपमेंट सुविधा, अनुपालन सहायता और बाजार अनुसंधान शामिल होंगे, ताकि समझौते वास्तविक व्यापार में बदल सकें।
समग्र रूप से, शिलॉंग मीट मेघालय के MSME क्षेत्र को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उत्तर‑पूर्वी भारत में राज्य को एक प्रमुख निर्यातक बनाने की दिशा में उसकी महत्वाकांक्षा को सुदृढ़ करता है।