📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wann Majaw
राजनीति
मेघालय ने 35 साल बाद जलधारा कानून को लागू किया
✍️ The Meghalayan Express
🗓 23 सित. 2026, 05:01 AM
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मेघालय सरकार ने 35 साल पुराना जलधारा कानून अब लागू कर दिया, जो राज्य के जल संसाधन प्रबंधन में महत्वपूर्ण कदम है।
मेघालय सरकार ने 35 साल पहले पारित जलधारा संरक्षण कानून को अब सक्रिय कर दिया है। यह कदम राज्य के नदियों के जलक्षेत्रों की सुरक्षा और कृषि व घरेलू उपयोग के लिए जल उपलब्धता में सुधार का उद्देश्य रखता है।
प्रशासन ने बताया कि अब इस कानून के तहत भूमि उपयोग पर कड़ी निगरानी, जलधारा क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर रोक और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा। वन और जल संसाधन विभाग निरीक्षण करेगा और उल्लंघन पर दंड लगाएगा।
पर्यावरण संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि देर से लागू होने के कारण कई जलक्षेत्र कटाव और प्रदूषण के जोखिम में थे। सरकार ने कहा कि कानून के प्रभाव की वार्षिक समीक्षा की जाएगी और जलक्षेत्र प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त उपायों पर विचार किया जाएगा।
मेघालय में शुष्क महीनों में बार‑बार जल संकट देखी गई है, इसलिए सतत जल प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। राज्य आशा करता है कि इस पुनः सक्रिय कानून से समुदायों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा में सुधार होगा।
प्रशासन ने बताया कि अब इस कानून के तहत भूमि उपयोग पर कड़ी निगरानी, जलधारा क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर रोक और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा। वन और जल संसाधन विभाग निरीक्षण करेगा और उल्लंघन पर दंड लगाएगा।
पर्यावरण संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि देर से लागू होने के कारण कई जलक्षेत्र कटाव और प्रदूषण के जोखिम में थे। सरकार ने कहा कि कानून के प्रभाव की वार्षिक समीक्षा की जाएगी और जलक्षेत्र प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त उपायों पर विचार किया जाएगा।
मेघालय में शुष्क महीनों में बार‑बार जल संकट देखी गई है, इसलिए सतत जल प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। राज्य आशा करता है कि इस पुनः सक्रिय कानून से समुदायों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा में सुधार होगा।