📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
मेघालय के सीएम संग्मा ने माँग की यूसीसी में जनजातीय, मातृवंशीय परंपराओं का समावेश
✍️ Northeast Today
🗓 16 सित. 2026, 04:16 PM
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मेघालय के सीएम संग्मा ने कहा कि यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड में राज्य की जनजातीय और मातृवंशीय विशेषताओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने स्थानीय रीति-रिवाजों का सम्मान करने पर बल दिया।
मेघालय के सीएम संग्मा ने आज कहा कि यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) में राज्य की विशिष्ट जनजातीय और मातृवंशीय परंपराओं को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मेघालय का सामाजिक ताना-बाना मुख्यतः मातृवंशीय कबीले और स्वदेशी रीति-रिवाजों से बना है, जो भारत के अन्य हिस्सों में प्रचलित पितृसत्तात्मक मानदंडों से अलग हैं।
संग्मा के बयानों के बीच यूसीसी पर चल रही बहसें जारी हैं, जिसका उद्देश्य पूरे देश में नागरिक कानूनों को मानकीकृत करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक समान दृष्टिकोण मेघालय के समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर कर सकता है।
सीएम ने केंद्रीय सरकार और यूनियन लॉ मंत्रालय से आग्रह किया कि यूसीसी के मसौदे की गहन समीक्षा की जाए, ताकि यह जनजातीय समाजों की अनूठी कानूनी परंपराओं का सम्मान करे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सुधार को लागू करने के लिए स्थानीय नेताओं और विद्वानों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
यूसीसी पर चर्चा भारतीय राजनीति में लंबे समय से चल रही है, और संग्मा का यह बयान इस बात पर बल देता है कि इसकी रचना में क्षेत्रीय संवेदनशीलता की आवश्यकता है।
संग्मा के बयानों के बीच यूसीसी पर चल रही बहसें जारी हैं, जिसका उद्देश्य पूरे देश में नागरिक कानूनों को मानकीकृत करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक समान दृष्टिकोण मेघालय के समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर कर सकता है।
सीएम ने केंद्रीय सरकार और यूनियन लॉ मंत्रालय से आग्रह किया कि यूसीसी के मसौदे की गहन समीक्षा की जाए, ताकि यह जनजातीय समाजों की अनूठी कानूनी परंपराओं का सम्मान करे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सुधार को लागू करने के लिए स्थानीय नेताओं और विद्वानों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
यूसीसी पर चर्चा भारतीय राजनीति में लंबे समय से चल रही है, और संग्मा का यह बयान इस बात पर बल देता है कि इसकी रचना में क्षेत्रीय संवेदनशीलता की आवश्यकता है।