📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Chirnzb
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कृषि
मेघालय के काजू किसानों को बायो‑आधारित कीटनाशकों का प्रशिक्षण
✍️ Hub News
🗓 01 नव. 2026, 07:32 PM
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मेघालय में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम ने काजू किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के विकल्प के रूप में बायो‑आधारित उपायों से परिचित कराया, जिससे सतत खेती को बढ़ावा मिलेगा।
मेघालय के कृषि विस्तार विभाग ने काजू किसानों के लिए बायो‑आधारित कीटनाशकों पर एक व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की, जिसमें रासायनिक पदार्थों के विकल्प के रूप में प्राकृतिक उपायों को अपनाने की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को दिखाया गया कि कैसे पौधों के अर्क, सूक्ष्मजीव एजेंट और नीम‑आधारित तैयारियों को तैयार कर खेत में सुरक्षित रूप से प्रयोग किया जा सकता है। इस प्रशिक्षण में रासायनिक अवशेषों को कम करने के पर्यावरणीय और स्वास्थ्य लाभ तथा छोटे किसानों के लिए संभावित लागत बचत पर भी प्रकाश डाला गया।
विशेषज्ञों ने इन प्राकृतिक एजेंटों के कार्य सिद्धांतों को समझाते हुए काजू के सामान्य कीट‑जैसे लीफ़‑माइनर और फल‑बोअर‑के खिलाफ उनकी प्रभावशीलता पर बल दिया। किसानों को प्रयोगात्मक किट और प्रिंटेड मार्गदर्शिकाएँ भी प्रदान की गईं, जिससे वे इन तकनीकों को अपने खेतों में लागू कर सकें।
यह पहल राज्य की सतत कृषि को बढ़ावा देने और काजू उत्पादन की बाजार क्षमता को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है, क्योंकि काजू मेघालय के कई ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख आय स्रोत है।
विशेषज्ञों ने इन प्राकृतिक एजेंटों के कार्य सिद्धांतों को समझाते हुए काजू के सामान्य कीट‑जैसे लीफ़‑माइनर और फल‑बोअर‑के खिलाफ उनकी प्रभावशीलता पर बल दिया। किसानों को प्रयोगात्मक किट और प्रिंटेड मार्गदर्शिकाएँ भी प्रदान की गईं, जिससे वे इन तकनीकों को अपने खेतों में लागू कर सकें।
यह पहल राज्य की सतत कृषि को बढ़ावा देने और काजू उत्पादन की बाजार क्षमता को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है, क्योंकि काजू मेघालय के कई ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख आय स्रोत है।