📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Archies2804
शिक्षा
भोपाल में मेडिकल इंटर्न का धरना जारी, 30 हज़ार रुपये स्टाइपेंड की मांग, वॉटर कैनन से बढ़ी नाराज़गी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 09 सित. 2026, 02:17 PM
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भोपाल के मेडिकल इंटर्न 30 हज़ार रुपये के मासिक स्टाइपेंड की मांग में धरना जारी रखे हुए हैं; डॉक्टरों ने उनका रास्ता रोका और पुलिस की वॉटर कैनन कार्रवाई से तनाव बढ़ा है।
भोपाल के मेडिकल इंटर्न 30 हज़ार रुपये के मासिक स्टाइपेंड की मांग में अपना धरना जारी रखे हैं। उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेज के पास शिविर स्थापित कर दिया है और अपनी मांग पूरी न होने तक हटने से इनकार किया है।
इंटर्न के साथ मौजूद डॉक्टरों ने धरने के रास्ते को अवरुद्ध कर दिया, जिससे पुलिस को भीड़ को हटाने में कठिनाई हुई। यह कदम जूनियर मेडिकल स्टाफ के वेतन में देरी को लेकर बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भीड़ को बिखेरने के लिए वॉटर कैनन का प्रयोग किया, जिससे इंटर्नों में गुस्सा और बढ़ गया। इस बल प्रयोग की निंदा छात्र संघों और स्वास्थ्य संगठनों ने की, जो शांति‑पूर्ण समाधान की मांग कर रहे हैं।
स्थिति अभी भी टिका हुआ है और अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। अधिकारियों से स्टाइपेंड की समस्या को शीघ्र सुलझाने का आग्रह किया जा रहा है, ताकि स्थिति और बिगड़ न सके।
यह धरना राज्य भर में मेडिकल प्रशिक्षुओं के वेतन संबंधी समस्याओं को उजागर करता है और सभी संबंधित पक्षों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
इंटर्न के साथ मौजूद डॉक्टरों ने धरने के रास्ते को अवरुद्ध कर दिया, जिससे पुलिस को भीड़ को हटाने में कठिनाई हुई। यह कदम जूनियर मेडिकल स्टाफ के वेतन में देरी को लेकर बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भीड़ को बिखेरने के लिए वॉटर कैनन का प्रयोग किया, जिससे इंटर्नों में गुस्सा और बढ़ गया। इस बल प्रयोग की निंदा छात्र संघों और स्वास्थ्य संगठनों ने की, जो शांति‑पूर्ण समाधान की मांग कर रहे हैं।
स्थिति अभी भी टिका हुआ है और अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। अधिकारियों से स्टाइपेंड की समस्या को शीघ्र सुलझाने का आग्रह किया जा रहा है, ताकि स्थिति और बिगड़ न सके।
यह धरना राज्य भर में मेडिकल प्रशिक्षुओं के वेतन संबंधी समस्याओं को उजागर करता है और सभी संबंधित पक्षों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।