📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
स्वास्थ्य
मणिपुर में ओपिओइड दर्दनिवारक दवाओं के दुरुपयोग में बढ़ोतरी, स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी
✍️ The Hindu
🗓 19 सित. 2026, 03:37 AM
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मणिपुर के स्वास्थ्य विभाग ने ओपिओइड दर्दनिवारक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर चेतावनी जारी की, कड़ी निगरानी और जागरूकता की मांग की।
मणिपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने ओपिओइड दर्दनिवारक दवाओं के दुरुपयोग में बढ़ोतरी को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई है। यह चेतावनी अस्पतालों और क्लीनिकों से प्राप्त रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें बताया गया है कि अधिक रोगी उचित चिकित्सकीय कारण के बिना इन मजबूत दर्दनिवारकों की मांग कर रहे हैं।
ओपिओइड दर्दनिवारक दवाएं गंभीर दर्द के इलाज में दी जाती हैं, लेकिन अनुचित उपयोग से निर्भरता, ओवरडोज़ और स्वास्थ्य व सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने इस जोखिम पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि बिना नियमन के सेवन से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग वर्तमान में प्रिस्क्रिप्शन मॉनिटरिंग प्रणाली की समीक्षा कर रहा है और स्थानीय NGOs व मेडिकल कॉलेजों के सहयोग से जागरूकता अभियानों की योजना बना रहा है। लक्ष्य चिकित्सकों और जनता दोनों को दुरुपयोग के खतरों के बारे में शिक्षित करना और वितरण नियमों को कड़ा करना है।
यह स्थिति भारत में ओपिओइड दुरुपयोग की व्यापक समस्या को दर्शाती है, परंतु अधिकारियों का मानना है कि समय पर हस्तक्षेप और समन्वित प्रयास ही इस बढ़ते दुरुपयोग को रोकने और सामुदायिक स्वास्थ्य की रक्षा करने में कारगर होंगे।
ओपिओइड दर्दनिवारक दवाएं गंभीर दर्द के इलाज में दी जाती हैं, लेकिन अनुचित उपयोग से निर्भरता, ओवरडोज़ और स्वास्थ्य व सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने इस जोखिम पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि बिना नियमन के सेवन से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग वर्तमान में प्रिस्क्रिप्शन मॉनिटरिंग प्रणाली की समीक्षा कर रहा है और स्थानीय NGOs व मेडिकल कॉलेजों के सहयोग से जागरूकता अभियानों की योजना बना रहा है। लक्ष्य चिकित्सकों और जनता दोनों को दुरुपयोग के खतरों के बारे में शिक्षित करना और वितरण नियमों को कड़ा करना है।
यह स्थिति भारत में ओपिओइड दुरुपयोग की व्यापक समस्या को दर्शाती है, परंतु अधिकारियों का मानना है कि समय पर हस्तक्षेप और समन्वित प्रयास ही इस बढ़ते दुरुपयोग को रोकने और सामुदायिक स्वास्थ्य की रक्षा करने में कारगर होंगे।