📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Samudra Bikash Hazarika
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राजनीति
जनगणना 2027 के करीब, एनआरसी को लेकर मणिपुर में विरोध तेज
✍️ NDTV
🗓 25 अग. 2026, 07:37 PM
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देश में 2027 की जनगणना की तैयारी के साथ मणिपुर में एनआरसी विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
2027 की निर्धारित जनगणना के निकट आते ही मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया है। विभिन्न जनजातीय समूहों और नागरिक संगठनों ने कई जिलों में मार्च किया, एनआरसी को रोकने की मांग करते हुए नारे लगाए और पोस्टर लगाए।
प्रदर्शकों का कहना है कि एनआरसी से स्थानीय जनजातियों को बहिष्कृत किया जा सकता है, उनके पारंपरिक भूमि अधिकारों को खतरा हो सकता है और भय का माहौल बन सकता है। वे मानते हैं कि मणिपुर की विशिष्ट जनसंख्या संरचना को राष्ट्रीय स्तर पर चल रही एनआरसी नीति से अलग ढंग से संभालना चाहिए।
राज्य सरकार ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और कुछ क्षेत्रों में अस्थायी कर्फ्यू लागू किया। अधिकारियों ने समुदाय के नेताओं के साथ संवाद की अपील की, शांति‑पूर्ण समाधान की मांग की और साथ ही जनगणना को बिना बाधा के पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जनगणना की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ यह टकराव राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों और क्षेत्रीय जातीय संवेदनशीलताओं के बीच बढ़ती तनाव को उजागर करता है, और मणिपुर इस एनआरसी बहस का प्रमुख केंद्र बन गया है।
प्रदर्शकों का कहना है कि एनआरसी से स्थानीय जनजातियों को बहिष्कृत किया जा सकता है, उनके पारंपरिक भूमि अधिकारों को खतरा हो सकता है और भय का माहौल बन सकता है। वे मानते हैं कि मणिपुर की विशिष्ट जनसंख्या संरचना को राष्ट्रीय स्तर पर चल रही एनआरसी नीति से अलग ढंग से संभालना चाहिए।
राज्य सरकार ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और कुछ क्षेत्रों में अस्थायी कर्फ्यू लागू किया। अधिकारियों ने समुदाय के नेताओं के साथ संवाद की अपील की, शांति‑पूर्ण समाधान की मांग की और साथ ही जनगणना को बिना बाधा के पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जनगणना की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ यह टकराव राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों और क्षेत्रीय जातीय संवेदनशीलताओं के बीच बढ़ती तनाव को उजागर करता है, और मणिपुर इस एनआरसी बहस का प्रमुख केंद्र बन गया है।