📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
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मनिपुर सीएम ने बैंकों से महिला उद्यमियों को समर्थन देने को कहा, 2029 तक 1 लाख लाखपति दिदियों का लक्ष्य
✍️ India Today NE
🗓 28 अक्टू. 2026, 06:36 AM
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मनिपुर के मुख्यमंत्री ने बैंकों से महिला‑उद्यमियों को अधिक वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया और 2029 तक 1 लाख करोड़पति दिदियों को बनाने का लक्ष्य रखा।
मनिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इम्फाल में एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान सार्वजनिक और निजी बैंकों से महिला उद्यमियों के लिए ऋण सुविधाओं का विस्तार करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय पहुँच छोटे महिला‑स्वामित्व वाले व्यवसायों के विस्तार के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने 2029 के अंत तक 1 लाख "लाखपति दिदियों" – ऐसी महिलाओं जिनकी शुद्ध संपत्ति एक करोड़ रुपये तक पहुँचती है – बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य घोषित किया। यह पहल समावेशी विकास को बढ़ावा देने और आय व रोजगार में लिंग अंतर को घटाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को महिला कोइर योजना जैसे मौजूदा स्कीमों और उन बैंकों के लिए नई प्रोत्साहन व्यवस्था से समर्थन मिलेगा जो महिला‑प्रबंधित उद्यमों के लिए निर्धारित ऋण मानदंडों को पूरा करेंगे। अगले छह वर्षों में लाभार्थियों की संख्या और वितरित ऋण की मात्रा को ट्रैक करने के लिए निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।
उद्योग विश्लेषकों ने कहा कि लक्ष्य चुनौतीपूर्ण है, पर यह राष्ट्रीय "महिला उद्यमिता मंच" के तहत प्राथमिकताओं के अनुरूप है और यदि प्रगति सिद्ध हुई तो अतिरिक्त केंद्र सरकार की फंडिंग आकर्षित कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने 2029 के अंत तक 1 लाख "लाखपति दिदियों" – ऐसी महिलाओं जिनकी शुद्ध संपत्ति एक करोड़ रुपये तक पहुँचती है – बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य घोषित किया। यह पहल समावेशी विकास को बढ़ावा देने और आय व रोजगार में लिंग अंतर को घटाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को महिला कोइर योजना जैसे मौजूदा स्कीमों और उन बैंकों के लिए नई प्रोत्साहन व्यवस्था से समर्थन मिलेगा जो महिला‑प्रबंधित उद्यमों के लिए निर्धारित ऋण मानदंडों को पूरा करेंगे। अगले छह वर्षों में लाभार्थियों की संख्या और वितरित ऋण की मात्रा को ट्रैक करने के लिए निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।
उद्योग विश्लेषकों ने कहा कि लक्ष्य चुनौतीपूर्ण है, पर यह राष्ट्रीय "महिला उद्यमिता मंच" के तहत प्राथमिकताओं के अनुरूप है और यदि प्रगति सिद्ध हुई तो अतिरिक्त केंद्र सरकार की फंडिंग आकर्षित कर सकता है।