📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Samudra Bikash Hazarika
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स्वास्थ्य
मणिपुर का CHC चार वर्ष से सौर ऊर्जा पर चल रहा, बुनियादी ढाँचे की कमी के बावजूद
✍️ Medical Dialogues
🗓 26 जुल. 2026, 07:34 PM
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मणिपुर के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने चार वर्षों से सौर ऊर्जा पर कार्य किया है, बुनियादी ढाँचे की कमी को पूरा करते हुए।
मणिपुर के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ने पिछले चार वर्षों से केवल सौर ऊर्जा पर कार्य किया है, यह कदम क्षेत्र में लगातार बुनियादी ढाँचे की चुनौतियों के कारण उठाया गया।
पावर आउटेज और अविश्वसनीय ग्रिड सप्लाई के कारण आवश्यक चिकित्सा सेवाओं को बनाए रखना कठिन हो गया था, जिसके चलते सौर ऊर्जा का विकल्प चुना गया।
फोटovoltaic पैनलों की स्थापना से CHC अब चिकित्सा उपकरण, वैक्सीन के रेफ्रिजरेशन और बुनियादी लाइटिंग के लिए निरंतर बिजली प्राप्त कर सकता है, जिससे रोगी देखभाल में निरंतरता बनी रहती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सौर सेटअप ने सेवा विश्वसनीयता बढ़ाई है और परिचालन लागत घटाई है, हालांकि रखरखाव और घटक प्रतिस्थापन अभी भी चल रहे मुद्दे हैं।
यह पहल दूरस्थ भागों में स्वास्थ्य देखभाल की खाइयों को पाटने में नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
पावर आउटेज और अविश्वसनीय ग्रिड सप्लाई के कारण आवश्यक चिकित्सा सेवाओं को बनाए रखना कठिन हो गया था, जिसके चलते सौर ऊर्जा का विकल्प चुना गया।
फोटovoltaic पैनलों की स्थापना से CHC अब चिकित्सा उपकरण, वैक्सीन के रेफ्रिजरेशन और बुनियादी लाइटिंग के लिए निरंतर बिजली प्राप्त कर सकता है, जिससे रोगी देखभाल में निरंतरता बनी रहती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सौर सेटअप ने सेवा विश्वसनीयता बढ़ाई है और परिचालन लागत घटाई है, हालांकि रखरखाव और घटक प्रतिस्थापन अभी भी चल रहे मुद्दे हैं।
यह पहल दूरस्थ भागों में स्वास्थ्य देखभाल की खाइयों को पाटने में नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।