🔥 ट्रेंडिंग लंदन में सड़क दुर्घटना में मारे गए भार... गूगल इंडिया ने सरकारी साइबरक्राइम डिवी... आईआईटी बॉम्बे छात्र की मौत पर क्राइम ब... केतन अग्रवाल के पिता ने मौत की सजा की... इस हफ़्ते (21‑27 सित.) नेटफ़्लिक्स, जि... सूर्या‑ज्योति का स्कॉटलैंड में वचन नवी...
22 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
मणिपुर ने जुम से सतत पहाड़ी खेती की ओर बदलाव की घोषणा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
कृषि

मणिपुर ने जुम से सतत पहाड़ी खेती की ओर बदलाव की घोषणा

✍️ e-pao.net 🗓 05 अग. 2026, 02:49 PM 👁 29
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

मणिपुर सरकार ने जुम खेती को बदलकर सतत पहाड़ी खेती को अपनाने की नई नीति की घोषणा की, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और आजीविका सुधारना है।

मणिपुर सरकार ने आज घोषणा की कि राज्य में पारंपरिक जुम (स्लैश‑एंड‑बर्न) खेती को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करके सतत पहाड़ी खेती को अपनाया जाएगा।

जुम खेती, जो पीढ़ियों से पहाड़ी जनजातियों का प्रमुख कृषि पद्धति रही है, वनों की कटाई, मिट्टी के कटाव और जैव विविधता के नुकसान से जुड़ी रही है। नई नीति इन पर्यावरणीय समस्याओं को हल करने के साथ-साथ पहाड़ी समुदायों के आजीविका को भी सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखती है।

योजना के तहत किसानों को टेरेस खेती, एग्रोफोरेस्ट्री और मिश्रित फसल प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे मिट्टी और पानी का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। सरकार तकनीकी सहायता, बीज सब्सिडी और बाज़ार कनेक्शन प्रदान करेगी।

कार्यान्वयन अगले वित्तीय वर्ष से शुरू होने वाला है, जिसमें सबसे ज़रूरतमंद जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार आशा करती है कि यह कदम पहाड़ों की रक्षा करेगा, कृषि उत्पादकता बढ़ाएगा और स्थानीय किसानों के लिए नई आय के अवसर पैदा करेगा।
📲Get App