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22 Aug 2026
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मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को उद्योग और वैश्विक रोजगार से जोड़ने पर दिया जोर

✍️ Reporter: Pankaj Gupta 🗓 20 Aug 2026, 08:02 PM 👁 17
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5 वर्षों में 21.13 लाख युवाओं को प्रशिक्षण, 12.94 लाख को मिला सेवायोजन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि आईटीआई को अधिक से अधिक उद्योगों से जोड़ा जाए और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण विकसित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कौशल विकास को रोजगार के साथ वैश्विक अवसरों से जोड़ने तथा प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रूप से रोजगार मेलों का आयोजन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए अनुदेशकों की पर्याप्त उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए अनुदेशकों की चयन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। चयनित अनुदेशकों की नियमित नियुक्ति में उनके अनुभव एवं कार्य के आधार पर वेटेज देने का प्रावधान भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (सीआईआईआईटी) केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली केंद्रों का संचालन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन केंद्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के बच्चों एवं युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विगत पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से 21.13 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि 12.94 लाख युवाओं को सेवायोजन प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी कौशल हब बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।
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