📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / শরদিন্দু ভট্টাচার্য্য
अपराध
बिहार के एडीईओ परीक्षा फर्जीवाड़े के मुख्य सरगना की पटना से गिरफ्तारी, मुंगेर कोर्ट में पेशी
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 24 सित. 2026, 06:31 PM
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बिहार के एडीईओ परीक्षा फर्जीवाड़े के मुख्य सरगना सतीश कुमार यादव को पटना से एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ने गिरफ्तार किया और मुंगेर कोर्ट में पेश किया गया। उन पर अभ्यर्थियों से 15‑20 लाख रुपये लेकर पास करवाने का आरोप है, जबकि 22 सहयोगियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है।
एनफ़ोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने बुधवार को पटना से सतीश कुमार यादव को हिरासत में लिया, जिन्हें बिहार में एडीईओ परीक्षा फर्जीवाड़े का मुख्य सरगना माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुंगेर के जिला कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ औपचारिक सुनवाई हुई।
जांचकर्ताओं का कहना है कि यादव ने अभ्यर्थियों से 15‑20 लाख रुपये तक ले कर परीक्षा में पास करवाने का वादा किया। इस योजना में उत्तर पत्रिकाओं में बदलाव और मूल्यांकन प्रक्रिया में हेरफेर शामिल था।
मुंगेर कोर्ट ने उनका बयान दर्ज किया और आगे पूछताछ का आदेश दिया। अब तक 22 अन्य संदिग्धों, जिनमें परीक्षा अधिकारी और मध्यस्थ शामिल हैं, को गिरफ्तार कर फर्जीवाड़े के व्यापक जाल को उजागर किया गया है।
प्राधिकरणों ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की सत्यता को बचाना और सरकारी नौकरियों की तलाश में छात्रों का शोषण करने वाले धोखाधड़ी को रोकना है।
मामला अभी भी जांच के चरण में है, और कोर्ट जल्द ही जमानत और आगे की कानूनी कार्यवाही पर निर्णय लेगा।
जांचकर्ताओं का कहना है कि यादव ने अभ्यर्थियों से 15‑20 लाख रुपये तक ले कर परीक्षा में पास करवाने का वादा किया। इस योजना में उत्तर पत्रिकाओं में बदलाव और मूल्यांकन प्रक्रिया में हेरफेर शामिल था।
मुंगेर कोर्ट ने उनका बयान दर्ज किया और आगे पूछताछ का आदेश दिया। अब तक 22 अन्य संदिग्धों, जिनमें परीक्षा अधिकारी और मध्यस्थ शामिल हैं, को गिरफ्तार कर फर्जीवाड़े के व्यापक जाल को उजागर किया गया है।
प्राधिकरणों ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की सत्यता को बचाना और सरकारी नौकरियों की तलाश में छात्रों का शोषण करने वाले धोखाधड़ी को रोकना है।
मामला अभी भी जांच के चरण में है, और कोर्ट जल्द ही जमानत और आगे की कानूनी कार्यवाही पर निर्णय लेगा।