📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DesiBoy101
सरकारी योजना
महाराष्ट्र देगा सेवानिवृत्त पुलिस कुत्तों को आजीवन देखभाल, साथ रखेंगे हैंडलर्स
✍️ Mid-Day
🗓 23 अग. 2026, 03:03 AM
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महाराष्ट्र सरकार ने एक योजना की घोषणा की है, जिससे सेवानिवृत्त पुलिस कुत्तों को आजीवन देखभाल मिलेगी और वे अपने पूर्व हैंडलर्स के साथ रहेंगे।
राज्य सरकार ने एक नई नीति मंजूर की है, जिसके तहत सेवा समाप्त होने के बाद पुलिस कुत्तों को आजीवन देखभाल मिलेगी। इस योजना के तहत कुत्ते अपने पूर्व प्रशिक्षकों के साथ ही रहेंगे, जिससे उनकी देखभाल और संगत बनी रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम पशु अधिकार संगठनों द्वारा उठाए गए कल्याण संबंधी मुद्दों को संबोधित करता है और महाराष्ट्र में पुलिस कार्यों में इन कुत्तों के योगदान को मान्यता देता है। वित्त पोषण पुलिस विभाग के बजट से किया जाएगा, जिसमें पशु चिकित्सकीय सेवाएँ, पोषण और आवास रख‑रखाव शामिल हैं।
नीति में एक औपचारिक हस्तांतरण प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है, जिसमें हैंडलर को प्रत्येक कुत्ते के सेवानिवृत्ति दस्तावेज़ जमा करने होंगे। स्वीकृति के बाद, हैंडलर को कुत्ते की दैनिक देखभाल की जिम्मेदारी लेनी होगी, जबकि राज्य नियमित स्वास्थ्य जांच का खर्च उठाएगा।
यह घोषणा मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य मंत्री ने की, जहाँ उन्होंने इस पहल को व्यापक पशु‑कल्याण सुधारों के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया।
पशु‑कल्याण एनजीओ ने इस निर्णय का स्वागत किया, इसे एक प्रगतिशील कदम बताया और अन्य राज्यों के लिए उदाहरण स्थापित करने की आशा जताई।
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम पशु अधिकार संगठनों द्वारा उठाए गए कल्याण संबंधी मुद्दों को संबोधित करता है और महाराष्ट्र में पुलिस कार्यों में इन कुत्तों के योगदान को मान्यता देता है। वित्त पोषण पुलिस विभाग के बजट से किया जाएगा, जिसमें पशु चिकित्सकीय सेवाएँ, पोषण और आवास रख‑रखाव शामिल हैं।
नीति में एक औपचारिक हस्तांतरण प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है, जिसमें हैंडलर को प्रत्येक कुत्ते के सेवानिवृत्ति दस्तावेज़ जमा करने होंगे। स्वीकृति के बाद, हैंडलर को कुत्ते की दैनिक देखभाल की जिम्मेदारी लेनी होगी, जबकि राज्य नियमित स्वास्थ्य जांच का खर्च उठाएगा।
यह घोषणा मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य मंत्री ने की, जहाँ उन्होंने इस पहल को व्यापक पशु‑कल्याण सुधारों के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया।
पशु‑कल्याण एनजीओ ने इस निर्णय का स्वागत किया, इसे एक प्रगतिशील कदम बताया और अन्य राज्यों के लिए उदाहरण स्थापित करने की आशा जताई।