📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
स्वास्थ्य
महाराष्ट्र FDA ने अस्पताल के उपभोग्य सामानों में बड़ी कीमत अंतर पाई, केंद्र से समीक्षा की मांग
✍️ Mid-Day
🗓 17 सित. 2026, 09:16 AM
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महाराष्ट्र FDA ने अस्पताल के उपभोग्य सामानों में बड़ी कीमत अंतर पाई है और इस पर केंद्र सरकार से समीक्षा करने का आग्रह किया है।
महाराष्ट्र खाद्य व औषधि प्राधिकरण (FDA) ने अस्पतालों में उपयोग होने वाले प्रमुख उपभोग्य सामान—जैसे सिरिंज, दस्ताने और कैथेटर—की कीमतों में बड़े अंतर की ओर इशारा किया है। एजेंसी के अनुसार, विभिन्न आपूर्तिकर्ताओं और क्षेत्रों में कीमतों का अंतर सामान्य बाजार उतार-चढ़ाव से कहीं अधिक है, जिससे रोगियों और स्वास्थ्य संस्थानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
इस संदर्भ में, राज्य FDA ने भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से कीमत निर्धारण के तंत्र की विस्तृत समीक्षा करने और आवश्यक कदम उठाने का औपचारिक अनुरोध किया है। यह मांग इस बात को रेखांकित करती है कि बिना नियंत्रण के कीमतों में अंतर बुनियादी चिकित्सा सेवाओं की किफायतीता को खतरे में डाल सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि यह निष्कर्ष हाल ही में महाराष्ट्र के सार्वजनिक एवं निजी अस्पतालों से प्राप्त खरीद डेटा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय समीक्षा से कीमतों को मानकीकृत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और रोगियों को अत्यधिक शुल्क से बचाने में मदद मिल सकती है।
राज्य FDA ने सार्वजनिक बयान में सटीक आंकड़े नहीं बताये, पर कहा कि अंतर “बहुत बड़ा” है और तुरंत केंद्र की कार्रवाई आवश्यक है। मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ इस पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाने की योजना है।
यदि केंद्र इस सिफारिश पर कार्रवाई करता है, तो यह राष्ट्रीय स्तर पर मूल्य सीमा निर्धारित करने या चिकित्सा उपभोग्य सामानों की आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी जैसे नियामक कदमों की ओर ले जा सकता है।
इस संदर्भ में, राज्य FDA ने भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से कीमत निर्धारण के तंत्र की विस्तृत समीक्षा करने और आवश्यक कदम उठाने का औपचारिक अनुरोध किया है। यह मांग इस बात को रेखांकित करती है कि बिना नियंत्रण के कीमतों में अंतर बुनियादी चिकित्सा सेवाओं की किफायतीता को खतरे में डाल सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि यह निष्कर्ष हाल ही में महाराष्ट्र के सार्वजनिक एवं निजी अस्पतालों से प्राप्त खरीद डेटा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय समीक्षा से कीमतों को मानकीकृत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और रोगियों को अत्यधिक शुल्क से बचाने में मदद मिल सकती है।
राज्य FDA ने सार्वजनिक बयान में सटीक आंकड़े नहीं बताये, पर कहा कि अंतर “बहुत बड़ा” है और तुरंत केंद्र की कार्रवाई आवश्यक है। मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ इस पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाने की योजना है।
यदि केंद्र इस सिफारिश पर कार्रवाई करता है, तो यह राष्ट्रीय स्तर पर मूल्य सीमा निर्धारित करने या चिकित्सा उपभोग्य सामानों की आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी जैसे नियामक कदमों की ओर ले जा सकता है।