📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alok Singh Oberoi
स्वास्थ्य
महाराष्ट्र FDA प्रमुख ने चार महीने में 12,000 से अधिक इकाइयों को नोटिस जारी
✍️ Deccan Herald
🗓 07 सित. 2026, 04:39 AM
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महाराष्ट्र के खाद्य‑सुरक्षा प्रमुख तुकाराम मुंढे ने कहा कि उनका लक्ष्य लोकप्रियता नहीं, बल्कि कड़ाई से प्रवर्तन है, जब विभाग ने चार महीने में 12,083 व्यवसायों को नोटिस जारी किया।
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के प्रमुख तुकाराम मुंढे ने बताया कि विभाग ने पिछले चार महीनों में 12,083 इकाइयों को औपचारिक नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, लेबलिंग मानकों और अन्य नियमों के उल्लंघन पर आधारित हैं, जिससे राज्य की खाद्य‑सुरक्षा पहल को तेज़ी मिली है।
मुँढे ने प्रेस को बताया कि उनका लक्ष्य लोकप्रियता हासिल करना नहीं, बल्कि कड़ाई से प्रवर्तन करना है। उन्होंने कहा, "लोकप्रियता मेरा लक्ष्य नहीं था," इस बात पर ज़ोर देते हुए कि उपभोक्ता स्वास्थ्य की रक्षा को राजनीतिक विचारों से ऊपर रखा गया है।
यह तेज़ गति से नोटिस जारी करना कई राष्ट्रीय स्तर पर हुए खाद्य‑सुरक्षा मामलों के बाद महाराष्ट्र की नियामक निगरानी को कड़ा करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम दुरुपयोग को रोकने, अनुपालन सुनिश्चित करने और राज्य भर में उपभोक्ताओं की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए है।
उद्योग प्रतिनिधियों से सहयोग करने, पहचाने गए उल्लंघनों को सुधारने और निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो दंड, उत्पाद रिटर्न या लाइसेंस रद्दीकरण जैसी सज़ा लागू हो सकती है।
मुंढे के बयान और बड़ी संख्या में जारी नोटिस राज्य के खाद्य‑नियामक प्राधिकरण की सक्रिय स्थिति को दर्शाते हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाने के उद्देश्यों के अनुरूप है।
मुँढे ने प्रेस को बताया कि उनका लक्ष्य लोकप्रियता हासिल करना नहीं, बल्कि कड़ाई से प्रवर्तन करना है। उन्होंने कहा, "लोकप्रियता मेरा लक्ष्य नहीं था," इस बात पर ज़ोर देते हुए कि उपभोक्ता स्वास्थ्य की रक्षा को राजनीतिक विचारों से ऊपर रखा गया है।
यह तेज़ गति से नोटिस जारी करना कई राष्ट्रीय स्तर पर हुए खाद्य‑सुरक्षा मामलों के बाद महाराष्ट्र की नियामक निगरानी को कड़ा करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम दुरुपयोग को रोकने, अनुपालन सुनिश्चित करने और राज्य भर में उपभोक्ताओं की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए है।
उद्योग प्रतिनिधियों से सहयोग करने, पहचाने गए उल्लंघनों को सुधारने और निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो दंड, उत्पाद रिटर्न या लाइसेंस रद्दीकरण जैसी सज़ा लागू हो सकती है।
मुंढे के बयान और बड़ी संख्या में जारी नोटिस राज्य के खाद्य‑नियामक प्राधिकरण की सक्रिय स्थिति को दर्शाते हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाने के उद्देश्यों के अनुरूप है।