📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने पारभणी में माराठा आरक्षण पर न्याय की अपील की
✍️ Mid-Day
🗓 30 अग. 2026, 10:03 PM
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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पारभणी में कहा, माराठा समुदाय को न्याय चाहिए, पर दूसरों के अधिकार नहीं छिनने चाहिए।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पारभणी में एक सार्वजनिक सभा में कहा कि चल रहे माराठा आरक्षण विवाद का समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे सभी वर्गों के अधिकार सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि माराठा समुदाय को न्याय और समान उपचार का हक है, पर अन्य समूहों के संवैधानिक अधिकारों को छीनने वाले कदम नहीं उठाए जाने चाहिए।
शिंदे के ये बयान माराठा आरक्षण नीति के कार्यान्वयन को लेकर बढ़ती सार्वजनिक बहस के बीच आए हैं, जिसमें कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक टकराव शामिल हैं। उन्होंने सभी वर्गों की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए सामाजिक समानता के व्यापक ढांचे को बनाए रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
मुख्यमंत्री ने सभी हितधारकों—राजनीतिक दलों और नागरिक समाज—से सहयोग करने का आग्रह किया, ताकि एक ऐसा समाधान निकाला जा सके जो न्याय और सामाजिक सामंजस्य दोनों को सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर स्थायी समाधान खोजेगी।
इस वक्त कोई नई नीति घोषणा नहीं की गई, पर यह बयान दर्शाता है कि सरकार माराठा आरक्षण मुद्दे को सभी के अधिकारों को बाधित किए बिना सुलझाने का इरादा रखती है।
शिंदे के ये बयान माराठा आरक्षण नीति के कार्यान्वयन को लेकर बढ़ती सार्वजनिक बहस के बीच आए हैं, जिसमें कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक टकराव शामिल हैं। उन्होंने सभी वर्गों की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए सामाजिक समानता के व्यापक ढांचे को बनाए रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
मुख्यमंत्री ने सभी हितधारकों—राजनीतिक दलों और नागरिक समाज—से सहयोग करने का आग्रह किया, ताकि एक ऐसा समाधान निकाला जा सके जो न्याय और सामाजिक सामंजस्य दोनों को सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर स्थायी समाधान खोजेगी।
इस वक्त कोई नई नीति घोषणा नहीं की गई, पर यह बयान दर्शाता है कि सरकार माराठा आरक्षण मुद्दे को सभी के अधिकारों को बाधित किए बिना सुलझाने का इरादा रखती है।