📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
सरकारी योजना
मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 87,000 करोड़ की ग्रामीण संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 05 नव. 2026, 10:45 AM
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मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत 87,000 करोड़ रुपये मूल्य की ग्रामीण संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री की घोषणा की, जिसमें लगभग 9,000 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क राज्य वहन करेगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण भूमि व संपत्ति की रजिस्ट्री मुफ्त करने का नया प्रावधान जारी किया है। यह कदम राज्य के गाँवों में लगभग 87,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कवर करेगा।
सरकार इस योजना के तहत स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क, जो लगभग 9,000 करोड़ रुपये का अनुमान है, को स्वयं वहन करेगी। इस वित्तीय सहायता से जमीन मालिकों को अपने अधिकारों को कानूनी रूप से दर्ज कराने में प्रोत्साहन मिलेगा और स्वामित्व विवादों में कमी आएगी।
जिला राजस्व कार्यालयों और कलेक्टरों को विशेष सुविधा केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया गया है, जहाँ मालिक बिना किसी शुल्क के दस्तावेज़ जमा कर रजिस्ट्री करवा सकेंगे। यह प्रक्रिया अगले वित्तीय तिमाही में शुरू होगी और सबसे अधिक बकाया वाले जिलों से क्रमिक रूप से लागू की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि मुफ्त रजिस्ट्री अभियान से भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी, किसानों को ऋण सुविधा आसान होगी और मध्य प्रदेश में पारदर्शी भूमि प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाएगा।
सरकार इस योजना के तहत स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क, जो लगभग 9,000 करोड़ रुपये का अनुमान है, को स्वयं वहन करेगी। इस वित्तीय सहायता से जमीन मालिकों को अपने अधिकारों को कानूनी रूप से दर्ज कराने में प्रोत्साहन मिलेगा और स्वामित्व विवादों में कमी आएगी।
जिला राजस्व कार्यालयों और कलेक्टरों को विशेष सुविधा केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया गया है, जहाँ मालिक बिना किसी शुल्क के दस्तावेज़ जमा कर रजिस्ट्री करवा सकेंगे। यह प्रक्रिया अगले वित्तीय तिमाही में शुरू होगी और सबसे अधिक बकाया वाले जिलों से क्रमिक रूप से लागू की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि मुफ्त रजिस्ट्री अभियान से भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी, किसानों को ऋण सुविधा आसान होगी और मध्य प्रदेश में पारदर्शी भूमि प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाएगा।