📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
राजनीति
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद विवाद बढ़ा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 10 अक्टू. 2026, 03:31 PM
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हाईकोर्ट के 27% ओबीसी आरक्षण के फैसले के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आँकड़ों में गड़बड़ी का आरोप लगाया, जबकि एक पटवारी ने आरक्षण रोकने की साजिश का इशारा किया।
मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27% आरक्षण को बरकरार रखने का फैसला सुनाया, जिससे आरक्षण को उलटने की याचिकाओं को खारिज किया गया। यह निर्णय ओबीसी को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर चल रहे राष्ट्रीय बहस के बीच आया है।
इसी पर राज्य की कांग्रेस ने भाजपा सरकार की आँकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए तीखा विरोध जताया। पार्टी के नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़े बढ़ा-चढ़ा कर पेश किए गए हैं और पारदर्शी जांच की मांग की।
एक स्थानीय पटवारी ने भी भाजपा पर आरक्षण को रोकने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक निर्देशों के तहत आरक्षण आदेश को लागू करने में देरी की जा रही है, जिससे पिछड़े वर्गों के अधिकारों को नुकसान पहुंच रहा है।
यह विवाद राज्य में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है; विपक्षी दल संसद में जांच की मांग कर रहे हैं जबकि सत्ता में रहने वाली सरकार कोर्ट के आदेश का पालन करने का दावा कर रही है। नागरिक समाज समूह भी आरक्षण के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए तैयार हो रहे हैं।
इसी पर राज्य की कांग्रेस ने भाजपा सरकार की आँकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए तीखा विरोध जताया। पार्टी के नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़े बढ़ा-चढ़ा कर पेश किए गए हैं और पारदर्शी जांच की मांग की।
एक स्थानीय पटवारी ने भी भाजपा पर आरक्षण को रोकने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक निर्देशों के तहत आरक्षण आदेश को लागू करने में देरी की जा रही है, जिससे पिछड़े वर्गों के अधिकारों को नुकसान पहुंच रहा है।
यह विवाद राज्य में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है; विपक्षी दल संसद में जांच की मांग कर रहे हैं जबकि सत्ता में रहने वाली सरकार कोर्ट के आदेश का पालन करने का दावा कर रही है। नागरिक समाज समूह भी आरक्षण के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए तैयार हो रहे हैं।