📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
नौकरी
एमपी हाई कोर्ट ने क्लास III, IV कर्मचारियों के 70-80-90% वेतन योजना को रद्द किया
✍️ livelaw.in
🗓 10 सित. 2026, 02:03 AM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने क्लास III और IV कर्मचारियों को 70-80-90% वेतन देने वाली योजना को अमान्य कर दिया, इसे कर्मचारियों के लिए कठोर बताया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एक पीठ ने हाल ही में पेश की गई वेतन योजना को रद्द कर दिया, जिसमें क्लास III और क्लास IV सरकारी कर्मचारियों को वेतन के 70%, 80% और 90% हिस्से देने का प्रावधान था। कोर्ट ने कहा कि यह योजना कर्मचारियों को कठोर परिस्थितियों में डालती है और सेवा नियमों के विरुद्ध है।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि घटे हुए वेतन प्रतिशत राज्य भर के हजारों निचली श्रेणी के कर्मचारियों की आजीविका को प्रभावित करेंगे। कोर्ट ने वेतन मानकों को नियंत्रित करने वाले वैधानिक ढांचे की जांच की और इसे न्याय और समानता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं पाया।
निर्णय में राज्य सरकार को पहले की वेतन व्यवस्था में लौटने और भविष्य में किसी भी संशोधन को कानूनी मानदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। यह आदेश मध्य प्रदेश के सार्वजनिक सेवा कर्मचारियों के बड़े वर्ग पर असर डालेगा।
यह फैसला निचली स्तर के कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है और अन्य राज्यों को समान वेतन नीतियों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि घटे हुए वेतन प्रतिशत राज्य भर के हजारों निचली श्रेणी के कर्मचारियों की आजीविका को प्रभावित करेंगे। कोर्ट ने वेतन मानकों को नियंत्रित करने वाले वैधानिक ढांचे की जांच की और इसे न्याय और समानता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं पाया।
निर्णय में राज्य सरकार को पहले की वेतन व्यवस्था में लौटने और भविष्य में किसी भी संशोधन को कानूनी मानदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। यह आदेश मध्य प्रदेश के सार्वजनिक सेवा कर्मचारियों के बड़े वर्ग पर असर डालेगा।
यह फैसला निचली स्तर के कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है और अन्य राज्यों को समान वेतन नीतियों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है।