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14 सित. 2026
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म.प्र. हाई कोर्ट ने दाकोइटी एक्ट पर नोटिस जारी, 1,000 दाकुओं के गायब होने पर बुकिंग
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
अपराध

म.प्र. हाई कोर्ट ने दाकोइटी एक्ट पर नोटिस जारी, 1,000 दाकुओं के गायब होने पर बुकिंग

✍️ Hindustan Times 🗓 13 सित. 2026, 11:01 PM 👁 5
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दाकोइटी एक्ट पर स्पष्टीकरण हेतु नोटिस जारी किया, जब लगभग 1,000 लोगों को दाकुओं के अचानक गायब होने के बाद बुक किया गया।

जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को दाकोइटी एक्ट के कार्यान्वयन पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया है। यह कदम हाल ही में दाकुओं के एक गिरोह के अचानक गायब होने के बाद, लगभग 1,000 लोगों को विभिन्न धाराओं के तहत बुक करने के बाद उठाया गया है।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, दाकुओं के समूह का पता नहीं चल पाने के बाद व्यापक जांच शुरू की गई, जिसमें लगभग एक हजार संदिग्धों को दाकोइटी एक्ट सहित कई धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।

हाई कोर्ट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मौजूदा कानूनी ढांचा इतनी बड़ी संख्या में बुकिंग और दाकुओं के गायब होने की स्थिति को संभालने में सक्षम नहीं हो सकता। न्यायालय ने राज्य के गृह विभाग को दाकुओं के गायब होने की परिस्थितियों और इतने बड़े पैमाने पर दाकोइटी एक्ट लागू करने के कारणों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दाकोइटी एक्ट, जो मूलतः सशस्त्र डकैती को रोकने के लिए बनाया गया था, कड़ी सजा प्रदान करता है और इतनी बड़ी संख्या में आरोपियों पर इसका प्रयोग प्रक्रिया संबंधी चुनौतियां पैदा कर सकता है। अदालत ने सरकार को जवाब देने की अंतिम तिथि निर्धारित की है, जिसके बाद आगे के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

यह मामला मध्य प्रदेश में संगठित अपराध से लड़ने की निरंतर चुनौतियों को उजागर करता है, विशेषकर उन दूरस्थ जिलों में जहाँ दाकूगिरी का इतिहास रहा है। अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे रिपोर्ट की समीक्षा कर कानून या उसकी प्रवर्तन प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन की सिफारिश करेंगे।
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