📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
अपराध
MP हाई कोर्ट ने विधवा पर 1 लाख की वेतन वसूली को रद्द किया, धोखाधड़ी नहीं
✍️ The Indian Express
🗓 21 अग. 2026, 12:48 AM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विधवा से 1 लाख रुपये की वेतन वसूली का आदेश रद्द कर दिया, यह कहा कि इस मामले में कोई धोखाधड़ी नहीं पाई गई।
जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विधवा पर 1 लाख रुपये की वेतन वसूली का आदेश रद्द कर दिया, यह कहा कि वह अतिरिक्त वेतन प्राप्त करने में कोई धोखाधड़ी नहीं कर रही थी। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच कर यह निष्कर्ष निकाला कि विधवा की ओर से कोई गलत इरादा नहीं था, इसलिए वसूली का मामला खारिज कर दिया गया।
यह निर्णय वित्तीय वसूली के मामलों में विशेषकर कमजोर वर्ग के लोगों के प्रति न्यायालय की सतर्कता को दर्शाता है। कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के विवादों में यदि भुगतान में त्रुटि का दावा किया जाता है तो यह निर्णय एक मिसाल बन सकता है।
विधवा की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है; पहले एक विभागीय ऑडिट ने वेतन में अंतर दिखाते हुए वसूली का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के इस फैसले से वह आर्थिक बोझ से मुक्त हो गई हैं और आगे कोई कानूनी कार्यवाही नहीं चल रही है।
यह निर्णय वित्तीय वसूली के मामलों में विशेषकर कमजोर वर्ग के लोगों के प्रति न्यायालय की सतर्कता को दर्शाता है। कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के विवादों में यदि भुगतान में त्रुटि का दावा किया जाता है तो यह निर्णय एक मिसाल बन सकता है।
विधवा की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है; पहले एक विभागीय ऑडिट ने वेतन में अंतर दिखाते हुए वसूली का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के इस फैसले से वह आर्थिक बोझ से मुक्त हो गई हैं और आगे कोई कानूनी कार्यवाही नहीं चल रही है।