स्वास्थ्य
लखनपुर स्वास्थ्य केंद्र में दवा प्रबंधन पर उठे सवाल, जांच की मांग
Date: 29 July 2026Location: Lakhanpur, Surguja (Chhattisgarh) Reported by:Pankaj SahuCitizen Reporter | Need24 Newsलखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए रखी दवाओं की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। स्थानीय नागरिकों ने जांच की मांग की है।
लखनपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो और जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए उपयोग होने वाले आयरन सिरप और विटामिन सिरप अस्पताल परिसर के बरामदे में खुले स्थान पर रखे गए थे। दावा किया गया कि इनमें से कुछ दवाएं एक्सपायरी थीं, जबकि कुछ पर एक्सपायरी तिथि स्पष्ट रूप से अंकित नहीं थी।
जानकारी के अनुसार, मीडिया के अस्पताल पहुंचने के बाद दवाओं को बरामदे से हटाकर स्टोर रूम में रख दिया गया। इस घटना के बाद दवा भंडारण, समय पर वितरण और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में पहले भी अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं और कुत्तों के घूमने की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
मामले में दवा वितरण प्रभारी अमित सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि संबंधित आयरन सिरप एक्सपायरी नहीं हैं तथा उनकी वैधता वर्ष 2027 तक है। उनके अनुसार दवाओं को वितरण के उद्देश्य से अस्थायी रूप से वहां रखा गया था। वहीं, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. ओ.पी. प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में दवाओं के भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण सिरप की पेटियां बरामदे में रखी गई थीं। उन्होंने कहा कि दवाओं की एक्सपायरी अवधि की जांच कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि यदि दवाएं पूरी तरह सुरक्षित और वैध थीं, तो उन्हें खुले स्थान पर क्यों रखा गया तथा उनका समय पर वितरण क्यों नहीं किया गया। साथ ही कुछ दवाओं पर अंकित तिथियों और लेबलिंग को लेकर भी स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है। क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मीडिया के अस्पताल पहुंचने के बाद दवाओं को बरामदे से हटाकर स्टोर रूम में रख दिया गया। इस घटना के बाद दवा भंडारण, समय पर वितरण और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में पहले भी अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं और कुत्तों के घूमने की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
मामले में दवा वितरण प्रभारी अमित सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि संबंधित आयरन सिरप एक्सपायरी नहीं हैं तथा उनकी वैधता वर्ष 2027 तक है। उनके अनुसार दवाओं को वितरण के उद्देश्य से अस्थायी रूप से वहां रखा गया था। वहीं, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. ओ.पी. प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में दवाओं के भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण सिरप की पेटियां बरामदे में रखी गई थीं। उन्होंने कहा कि दवाओं की एक्सपायरी अवधि की जांच कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि यदि दवाएं पूरी तरह सुरक्षित और वैध थीं, तो उन्हें खुले स्थान पर क्यों रखा गया तथा उनका समय पर वितरण क्यों नहीं किया गया। साथ ही कुछ दवाओं पर अंकित तिथियों और लेबलिंग को लेकर भी स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है। क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।