🔥 TRENDING 28 Cheetahs Dead in Madhya Pradesh's K... ୱେବ ଚ୍ୟାନେଲ ସମ୍ପାଦକ ସୁଧାଂଶୁ ରାଉତଙ୍କୁ ଗ... हांसपुर गौशाला में पंचम जागरण व ‘एक शा... କୋଇଲା ଲୋଡିଂ କ୍ଷେତ୍ରରେ ନୂଆ ରେକର୍ଡ ସ୍ଥାପ... ଜୁଏଲ ଓରାମଙ୍କ ନୂଆ ଅବତାର: ଏବେ ମଞ୍ଚରେ ଦେଖ... ବଦଳିବ ଶ୍ରୀକ୍ଷେତ୍ରର ଚେହେରା: ବ୍ରିଜ୍‌, ବେ...
13 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Local

लोकसेवा गारंटी अधिनियम के उल्लंघन पर ग्राम सचिव पर 2000 रुपये का जुर्माना

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 13 Oct 2026, 12:15 PM 👁 17
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

निर्धारित समय-सीमा में चार आवेदनों का निराकरण न करने पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सचिव पर शास्ति अधिरोपित की है। आवेदकों को प्रतिकर राशि का भुगतान भी किया जाएगा।

लोकसेवा गारंटी अधिनियम, 2010 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए शासकीय सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध न कराने पर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने ग्राम पंचायत चांद का पुरा, जनपद पंचायत अम्बाह के सचिव श्री मनोज कुमार पर 2,000 रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। यह कार्रवाई समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध न कराने पर की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोकसेवा गारंटी पोर्टल पर 23 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के आधार पर सचिव श्री मनोज कुमार द्वारा चार आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के पश्चात किया गया। प्रत्येक आवेदन के निराकरण में दो कार्य दिवस का विलंब पाया गया। इस पर अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रति आवेदन 250 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 2,000 रुपये की शास्ति अधिरोपित करने के आदेश जारी किए गए हैं।

कलेक्टर श्री जांगिड़ ने आदेश में निर्देशित किया है कि शास्ति की राशि संबंधित सचिव के आगामी माह के वेतन से वसूल कर निर्धारित लेखा शीर्ष में जमा कराई जाए। साथ ही, राशि जमा किए जाने के प्रमाणस्वरूप चालान की प्रति कलेक्टर कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए। आदेश के अनुसार, संबंधित आवेदकों को सेवा उपलब्ध कराने में हुए विलंब के लिए अधिनियम की धारा 7(3) के अंतर्गत निर्धारित दर से प्रतिकर भुगतान की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। संबंधित हितग्राहियों को 30 दिवस के भीतर प्रतिकर राशि का भुगतान किया जाएगा।

लोकसेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना तथा सेवा प्रदाय में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। यह कार्रवाई शासकीय सेवाओं के समयबद्ध प्रदाय और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
📲Get App