📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / കണ്ണൻഷൺമുഖം (സംവാദം)
अपराध
केरल में पीओसीएसओ आरोपी को गिरफ्तार न कर पाने में पुलिस के प्रभाव को लेकर एलडीएफ ने किया आरोप
✍️ India Today
🗓 29 अक्टू. 2026, 11:31 PM
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एलडीएफ का कहना है कि केरल में पीओसीएसओ अधिनियम के तहत आरोपी को गिरफ्तार होने से बचाने में पुलिस के प्रभाव ने भूमिका निभाई।
केरल में पीओसीएसओ (बाल यौन शोषण रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोपी को गिरफ्तार न कर पाने में पुलिस के प्रभाव को लेकर एलडीएफ ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया है। गठबंधन का कहना है कि आरोपी को पुलिस अधिकारियों के अनुचित दबाव या सहायता के कारण हिरासत से बचने का मौका मिला।
एलडीएफ ने आरोपी का नाम या मामले के विस्तृत विवरण नहीं बताए, पर यह कहा कि ऐसी हस्तक्षेप न्याय व्यवस्था और बाल पीड़ितों के अधिकारों को कमजोर करती है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए एक स्वतंत्र और त्वरित जांच की मांग की और जिम्मेदार व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया।
गठबंधन ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि नाबालिगों से संबंधित यौन अपराधों की जांच में कोई राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप न हो। साथ ही न्यायालय से भी इस मामले की कड़ी निगरानी करने को कहा, ताकि आगे की देरी न हो।
केरल पुलिस ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। यह मुद्दा संवेदनशील आपराधिक मामलों में पुलिस की निष्पक्षता को लेकर सार्वजनिक चिंताओं को और बढ़ा रहा है।
एलडीएफ ने आरोपी का नाम या मामले के विस्तृत विवरण नहीं बताए, पर यह कहा कि ऐसी हस्तक्षेप न्याय व्यवस्था और बाल पीड़ितों के अधिकारों को कमजोर करती है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए एक स्वतंत्र और त्वरित जांच की मांग की और जिम्मेदार व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया।
गठबंधन ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि नाबालिगों से संबंधित यौन अपराधों की जांच में कोई राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप न हो। साथ ही न्यायालय से भी इस मामले की कड़ी निगरानी करने को कहा, ताकि आगे की देरी न हो।
केरल पुलिस ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। यह मुद्दा संवेदनशील आपराधिक मामलों में पुलिस की निष्पक्षता को लेकर सार्वजनिक चिंताओं को और बढ़ा रहा है।