🔥 ट्रेंडिंग સાબરકાંઠા પોલીસ દ્વારા હિંમતનગરમાં ગેર... અમરેલીના چلાલાના ઝર ખાતે જંગલનો રાજા સ... उपयोगकर्ता ने 'zoologicalsurveyindia'... थुड़क्कम का OTT रिलीज़ 18 सितंबर से –... रिदा थारना ने कहा, सहिल सलाथिया ने मेर... अदिति राव हडारी, सिद्धार्थ जुड़ेंगे लस...
06 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
लेबोरेटरी‑ग्रोउन हीरे: प्राकृतिक हीरों से 90% तक सस्ते
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Igor Stratichuk
बिज़नेस

लेबोरेटरी‑ग्रोउन हीरे: प्राकृतिक हीरों से 90% तक सस्ते

✍️ NDTV Top 🗓 06 सित. 2026, 09:39 AM 👁 7
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

लेबोरेटरी‑ग्रोउन हीरे प्राकृतिक हीरों से 80% से 90% तक सस्ते हो सकते हैं।

लेबोरेटरी‑ग्रोउन हीरे, जिन्हें सिंथेटिक या कल्चर्ड हीरे भी कहा जाता है, नियंत्रित प्रयोगशाला वातावरण में उन्नत तकनीक के माध्यम से प्राकृतिक वृद्धि प्रक्रिया की नकल करके बनाए जाते हैं।

हालिया बाजार विश्लेषण दर्शाते हैं कि ये हीरे तुलनीय प्राकृतिक हीरों की तुलना में काफी कम कीमत पर बेचे जा सकते हैं, और कुछ मामलों में मूल्य अंतर 80% से 90% तक पहुँच सकता है।

यह लागत लाभ कम उत्पादन लागत, खनन खर्चों की अनुपस्थिति और समान गुणवत्ता व स्पष्टता वाले हीरे बनाने की क्षमता से उत्पन्न होता है।

हालाँकि उपभोक्ता बचत से आकर्षित होते हैं, उद्योग विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लेबोरेटरी‑ग्रोउन हीरों का दीर्घकालिक पुनर्विक्रय मूल्य और बाज़ार धारणा प्राकृतिक हीरों से भिन्न हो सकती है।
📲Get App