📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rama Krishna Vallapudasu
राजनीति
केटीआर सहित 22 बीआरएस विधायक तेलंगाना विधानसभा से निलंबित
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🗓 09 सित. 2026, 04:40 PM
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तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर ने केटीआर सहित 22 बीआरएस विधायकों को निलंबित करने की घोषणा की और जांच रहे हैं कि पार्टी ने अपनी मांगें लिखित रूप में प्रस्तुत की हैं या नहीं।
तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर ने घोषणा की कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के 22 विधायक, जिनमें वरिष्ठ नेता के.टी. रामाराव (केटीआर) शामिल हैं, को सदन से निलंबित कर दिया गया है। यह कदम पार्टी के कार्यों को विधानसभा के नियमों का उल्लंघन मानने के बाद उठाया गया।
स्पीकर ने बताया कि निलंबन तब तक बरकरार रहेगा जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि बीआरएस के विधायकों ने अपनी मांगें लिखित रूप में स्पीकर के कार्यालय को प्रस्तुत की हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि लिखित प्रस्तुति आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक शर्त है।
यह कदम राज्य की शासक पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव को उजागर करता है और सदन में प्रक्रियात्मक नियमों के कड़ाई से पालन को दर्शाता है। इस घोषणा के समय कोई अतिरिक्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का उल्लेख नहीं किया गया।
केटीआर, जो तेलंगाना राजनीति में प्रमुख व्यक्तित्व हैं, ने अभी तक निलंबन पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। स्पीकर ने संकेत दिया कि आवश्यक दस्तावेज़ों की पुष्टि होने के बाद मामला फिर से देखा जाएगा।
बीआरएस की बहुमत स्थिति को देखते हुए यह निलंबन विधानसभा में विधायी गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है, परंतु स्पीकर ने कहा कि नियमों का पालन सबसे महत्वपूर्ण है।
स्पीकर ने बताया कि निलंबन तब तक बरकरार रहेगा जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि बीआरएस के विधायकों ने अपनी मांगें लिखित रूप में स्पीकर के कार्यालय को प्रस्तुत की हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि लिखित प्रस्तुति आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक शर्त है।
यह कदम राज्य की शासक पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव को उजागर करता है और सदन में प्रक्रियात्मक नियमों के कड़ाई से पालन को दर्शाता है। इस घोषणा के समय कोई अतिरिक्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का उल्लेख नहीं किया गया।
केटीआर, जो तेलंगाना राजनीति में प्रमुख व्यक्तित्व हैं, ने अभी तक निलंबन पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। स्पीकर ने संकेत दिया कि आवश्यक दस्तावेज़ों की पुष्टि होने के बाद मामला फिर से देखा जाएगा।
बीआरएस की बहुमत स्थिति को देखते हुए यह निलंबन विधानसभा में विधायी गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है, परंतु स्पीकर ने कहा कि नियमों का पालन सबसे महत्वपूर्ण है।