📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Boyfriendback
राजनीति
कोटा नगर निगम टीम ने निर्दलीय प्रत्याशी के स्कूल को सीज किया, राजनीतिक विवाद में
✍️ Amar Ujala · Kota
🗓 05 सित. 2026, 06:20 PM
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कोटा के वार्ड 49 में, भाजपा से बागी निर्दलीय प्रत्याशी के स्कूल को सीज करने के लिए नगर निगम टीम पहुंची, जिससे राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगे।
कोटा में हाल ही में एक नगर निगम टीम एक निर्दलीय प्रत्याशी के स्कूल के परिसर में पहुँची, जिसने हाल ही में भाजपा से नाम वापस लिया था। टीम ने स्कूल के परिसर में प्रवेश कर संपत्ति को सीज करने की प्रक्रिया शुरू की, प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए। यह प्रत्याशी, जो स्थानीय राजनीति में एक प्रमुख व्यक्ति रहा है, पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान के बीच अपनी स्थिति बदलने की घोषणा कर चुका था।
इस कब्जे पर प्रत्याशी के समर्थकों ने तीखी आलोचना की है, यह कहते हुए कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है और आगामी नगर निगम चुनाव से पहले उसकी प्रभावशाली स्थिति को कमजोर करने का प्रयास है। उनका कहना है कि स्कूल को सामुदायिक आउटरीच के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है और इसकी जब्ती से स्थानीय शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम शहर के नियमों के अनुसार लिया गया था और स्कूल को कुछ नगरपालिका कोड्स का उल्लंघन करते पाया गया था। हालांकि, अब तक सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक दस्तावेज़ जारी नहीं किया गया है जो विशिष्ट उल्लंघनों को स्पष्ट करता हो।
इस घटना ने कोटा में पहले से ही तीव्र राजनीतिक माहौल को और बढ़ा दिया है, विपक्षी दलों ने इस कब्जे की स्वतंत्र जाँच की मांग की है और नगर निगम अधिकारियों से पारदर्शिता की अपेक्षा जताई है।
इस कब्जे पर प्रत्याशी के समर्थकों ने तीखी आलोचना की है, यह कहते हुए कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है और आगामी नगर निगम चुनाव से पहले उसकी प्रभावशाली स्थिति को कमजोर करने का प्रयास है। उनका कहना है कि स्कूल को सामुदायिक आउटरीच के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है और इसकी जब्ती से स्थानीय शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम शहर के नियमों के अनुसार लिया गया था और स्कूल को कुछ नगरपालिका कोड्स का उल्लंघन करते पाया गया था। हालांकि, अब तक सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक दस्तावेज़ जारी नहीं किया गया है जो विशिष्ट उल्लंघनों को स्पष्ट करता हो।
इस घटना ने कोटा में पहले से ही तीव्र राजनीतिक माहौल को और बढ़ा दिया है, विपक्षी दलों ने इस कब्जे की स्वतंत्र जाँच की मांग की है और नगर निगम अधिकारियों से पारदर्शिता की अपेक्षा जताई है।