📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
शिक्षा
खरकोंगोर का आह्वान: युवा खोजें जैंतिया की अनकही कहानियाँ
✍️ Syllad
🗓 29 जून 2026, 04:00 AM
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शिक्षा मंत्री रक्कम ए. संगमा, जिन्हें खरकोंगोर के नाम से भी जाना जाता है, ने युवा पीढ़ी को जैंतिया क्षेत्र के कम ज्ञात ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कहानियों को उजागर करने और सामने लाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
मेघालय के शिक्षा मंत्री, रक्कम ए. संगमा, जिन्हें खरकोंगोर के नाम से भी संबोधित किया जाता है, ने युवा पीढ़ी के लिए एक आह्वान जारी किया है। उन्होंने युवाओं से जैंतिया क्षेत्र की समृद्ध, फिर भी अक्सर अनदेखी की जाने वाली, अनकही कहानियों और विरासत की खोज और संरक्षण में सक्रिय रूप से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की।
इस पहल का उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी को उनकी ऐतिहासिक जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। युवा पीढ़ी को इन आख्यानों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करके, खरकोंगोर को जैंतिया समुदाय के इतिहास और परंपराओं की गहरी समझ और सराहना को बढ़ावा देने की उम्मीद है। ध्यान उन कहानियों को उजागर करने पर है जो व्यापक रूप से प्रलेखित या मान्यता प्राप्त नहीं हो सकती हैं।
मंत्री की अपील मौखिक इतिहास, स्थानीय लोककथाओं और कम ज्ञात ऐतिहासिक घटनाओं के महत्व पर प्रकाश डालती है जो जैंतिया लोगों की अनूठी पहचान में योगदान करते हैं। यह प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित है कि यह मूल्यवान सांस्कृतिक विरासत खो न जाए और भविष्य की पीढ़ियों को हस्तांतरित हो।
इस पहल का उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी को उनकी ऐतिहासिक जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। युवा पीढ़ी को इन आख्यानों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करके, खरकोंगोर को जैंतिया समुदाय के इतिहास और परंपराओं की गहरी समझ और सराहना को बढ़ावा देने की उम्मीद है। ध्यान उन कहानियों को उजागर करने पर है जो व्यापक रूप से प्रलेखित या मान्यता प्राप्त नहीं हो सकती हैं।
मंत्री की अपील मौखिक इतिहास, स्थानीय लोककथाओं और कम ज्ञात ऐतिहासिक घटनाओं के महत्व पर प्रकाश डालती है जो जैंतिया लोगों की अनूठी पहचान में योगदान करते हैं। यह प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित है कि यह मूल्यवान सांस्कृतिक विरासत खो न जाए और भविष्य की पीढ़ियों को हस्तांतरित हो।