📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Brungildakarlovna
शिक्षा
खंडवा के कोविद ने चीन में विश्व कौशल प्रतियोगिता में रजत पदक जीता, पीएमओ से मिला बुलावा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 अक्टू. 2026, 11:31 PM
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चीन में आयोजित विश्व कौशल प्रतियोगिता में खंडवा के कोविद ने रजत पदक जीता, जिससे पीएमओ से बुलावा आया। भारत को कुल छह पोडियम और बीस एक्सीलेंस अवार्ड मिले।
चीन में आयोजित विश्व कौशल प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश के खंडवा से कोविद ने अपने वर्ग में रजत पदक जीतकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस जीत पर प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधे कोविद को बुलाया गया, जिससे उनकी उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
भारत की टीम ने विभिन्न श्रेणियों में कुल छह पोडियम स्थान हासिल किए और बीस एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त किए। ये सम्मान देश की व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण क्षमताओं के उन्नति को दर्शाते हैं।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसी सफलताएँ भारतीय प्रशिक्षुओं के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और हालिया कौशल विकास पहलों की प्रभावशीलता को सिद्ध करती हैं।
कोविद की रजत पदक जीतने से खंडवा की प्रतिभा केंद्र के रूप में पहचान मजबूत हुई है, जिससे स्थानीय प्रशिक्षण संस्थानों को भविष्य के प्रतियोगिताओं के लिए और अधिक युवा को तैयार करने का प्रोत्साहन मिला है।
प्रधानमंत्री कार्यालय का कोविद से संपर्क इस बात का संकेत है कि सरकार व्यक्तिगत उपलब्धियों को राष्ट्रीय गौरव के रूप में मानती है और कुशल कार्यबल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत की टीम ने विभिन्न श्रेणियों में कुल छह पोडियम स्थान हासिल किए और बीस एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त किए। ये सम्मान देश की व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण क्षमताओं के उन्नति को दर्शाते हैं।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसी सफलताएँ भारतीय प्रशिक्षुओं के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और हालिया कौशल विकास पहलों की प्रभावशीलता को सिद्ध करती हैं।
कोविद की रजत पदक जीतने से खंडवा की प्रतिभा केंद्र के रूप में पहचान मजबूत हुई है, जिससे स्थानीय प्रशिक्षण संस्थानों को भविष्य के प्रतियोगिताओं के लिए और अधिक युवा को तैयार करने का प्रोत्साहन मिला है।
प्रधानमंत्री कार्यालय का कोविद से संपर्क इस बात का संकेत है कि सरकार व्यक्तिगत उपलब्धियों को राष्ट्रीय गौरव के रूप में मानती है और कुशल कार्यबल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।