खेल अकादमी में ‘खेल’ जारी, व्यवस्था मैदान से बाहर! चार दिन से लाइट बंद,जनरेटर ठप और घास में खतरा; बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
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कोरबा :- शहर के इंदिरा स्टेडियम परिसर में संचालित खेल अकादमी की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शहर के इंदिरा स्टेडियम परिसर में संचालित खेल अकादमी की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मैदान की लाइट पिछले करीब चार दिनों से बंद है वहीं जनरेटर भी लंबे समय से ठप पड़ा बताया जा रहा है। शाम होते ही पर्याप्त रोशनी नहीं होने से खिलाड़ियों और यहां वॉकिंग-रनिंग के लिए आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। मैदान के कई हिस्सों में घास और झाड़ियां बढ़ी हुई हैं। बरसात के मौसम में इनमें जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में बच्चों को प्रशिक्षण देने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। घास कटिंग को लेकर भी खानापूर्ति के आरोप लगाए जा रहे हैं। **बच्चों की स्वास्थ्य सुविधा भी सवालों में**
अकादमी के बच्चों के कमरों में एग्जॉस्ट फैन बंद होने की शिकायत है। आकस्मिक चिकित्सा सुविधा और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। करीब पांच बच्चों को सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि स्वास्थ्य समस्या का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
**खेल अधिकारी की निगरानी पर सवाल**
लाइट, जनरेटर, सफाई और मैदान की स्थिति को लेकर खेल अधिकारी की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि कई दिनों से व्यवस्थाएं खराब हैं तो नियमित निरीक्षण में यह स्थिति क्यों नहीं सामने आई? स्टेडियम की जिम्मेदारी नगर निगम या अन्य संस्था के अधीन होने की स्थिति में भी संबंधित विभागों के बीच समन्वय जरूरी है।
अब जरूरत है कि प्रशासन पूरे परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करे। बच्चों और खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने के बजाय जवाबदेही तय करना जरूरी है।
अकादमी के बच्चों के कमरों में एग्जॉस्ट फैन बंद होने की शिकायत है। आकस्मिक चिकित्सा सुविधा और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। करीब पांच बच्चों को सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि स्वास्थ्य समस्या का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
**खेल अधिकारी की निगरानी पर सवाल**
लाइट, जनरेटर, सफाई और मैदान की स्थिति को लेकर खेल अधिकारी की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि कई दिनों से व्यवस्थाएं खराब हैं तो नियमित निरीक्षण में यह स्थिति क्यों नहीं सामने आई? स्टेडियम की जिम्मेदारी नगर निगम या अन्य संस्था के अधीन होने की स्थिति में भी संबंधित विभागों के बीच समन्वय जरूरी है।
अब जरूरत है कि प्रशासन पूरे परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करे। बच्चों और खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने के बजाय जवाबदेही तय करना जरूरी है।